Advertisements

चतुरानन में कौन सा समास है? चतुरानन का समास-विग्रह क्या है?

Chturanan mein kaun sa samas hai? Chturanan ka samas-vigrah kya hota hai?

चतुरानन में कौन सा समास है?

बहुब्रीहि समास – चतुरानन शब्द में बहुब्रीहि समास है।
चतुरानन में समास का उपभेद समानाधिकरण बहुब्रीहि समास है
Chturanan mein kaun sa Samas hota hai?
Bahuvrihi Samas  – Chturanan shabd mein Bahuvrihi Samas  hai.

चतुरानन का समास-विग्रह क्या है? Chturanan ka Samas-Vigrah kya hai?

चतुरानन शब्द का समास-विग्रह निम्नानुसार होगा :

समास (समस्त पद) समास-विग्रह
चतुरानन : चार हैं आनन (मुंह) जिसके अर्थात ब्रह्मा
Chturanan : Char hain aann (Munh) jiske arthath brahma

Advertisements

क्योंकि चतुरानन में बहुब्रीहि समास है इसलिए हमने विद्यार्थियों की सहायता के लिए बहुब्रीहि समास की परिभाषा, भेद और उदाहरण को यहाँ पर संक्षेप में समझाया है। अगर विद्यार्थी बहुब्रीहि समास को विस्तार से पढ़ना चाहें तो नीचे दिये गए लिंक (बहुब्रीहि समास की परिभाषा – ) पर जा कर पढ़ सकते हैं।

बहुब्रीहि समास की परिभाषा –

बहुब्रीहि समास [ सूत्र-अनेकमन्य पदार्थे ]-जिस समास में दोनों पद प्रधान न होकर कोई अन्य पद की प्रधानता होती है। उसे बहुब्रीहि समास कहते है। जैसे-दशानन-दस है मुख जिसके अर्थात् रावण

Advertisements

बहुब्रीहि समास के उदाहरण –

समानाधिकरण बहुब्रीहि समास के उदाहरण नीचे दिये गए हैं। विद्यार्थियों को इनका लिख लिख कर अभ्यास करना चाहिए।

समास (समस्त पद) – समास-विग्रह
दत्तभोजन – दत्त है भोजन जिसे
नेकनाम – नेक है नाम जिसका
मुरारि – वह जो मुर राक्षस का शत्रु है अर्थात् कृष्ण
मृत्युञ्जय – मृत्यु को जीतने वाला अर्थात् शंकर
सहस्रकर – सहस्र है कर जिसके
सहस्रानन – सहस्र है आनन जिसके
सुलोचना – सुन्दर है लोचन जिसका अर्थात् मेघनाथ की पत्नी
प्राप्तोद्क – प्राप्त है उदक जिसको अर्थात गणेश
सतखंडा – सात है खण्ड जिसमें
सहस्रकर – सहस्र है कर जिसके

समास की परिभाषा :

समास का तात्पर्य होता है-‘संक्षिप्तीकरण’ और इसका शाब्दिक अर्थ होता है छोटा रूप। अथार्त जब दो या दो से अधिक शब्दों से मिलकर जो नया और छोटा शब्द बनता है उस शब्द को समास (Samas) कहते हैं। समास रचना में दो पद होते हैं। प्रथम पद को ‘पूर्वपद ‘ कहा जाता है और द्वितीय पद को ‘उत्तरपद ‘ कहा जाता है। इन दोनों से जो नया शब्द बनता है वो”समस्त पद” या” सामासिक शब्द” कहलाता है।

समास-विग्रह क्या होता है?

जब समस्त पद के सभी पद अलग-अलग किये जाते हैं उसे समास-विग्रह (Samas Vigrah) कहते हैं। समास-विग्रह सामासिक पद के शब्दों के मध्य संबंध को स्पष्ट करने के लिए किया जाता है।

परीक्षा में चतुरानन समस्त पद को लेकर कई प्रकार से प्रश्न पूछा जा सकता है जैसे कि चतुरानन में कौन सा समास है? चतुरानन शब्द में कौन सा समास होगा? चतुरानन में कौन सा समास होता है? चतुरानन में कौन सा समास है बताइये चतुरानन का समास विग्रह बताइए चतुरानन का समास विग्रह क्या है? चतुरानन का समास विग्रह क्या होगा? आदि।

समास – परिभाषा, भेद, उदाहरण, समास-विग्रह

समास अभ्यास प्रश्न (Samas Worksheet)

आपबीती में कौन सा समास है
धर्माधर्म में कौन सा समास है
“हरफनमौला”,में कौन सा समास है?
महाराजा में कौन सा समास है
घुड़सवार में कौन सा समास है
चौराहा में कौन सा समास है
हिमालय का समास विग्रह
चारपाई में कौन सा समास है
कौन सा समास है?
हिमालय का समास विग्रह
एकाएक का समास विग्रह
वीर पुरुष का समास विग्रह
त्रिलोक का समास विग्रह
चक्रधर का समास विग्रह
अंधकूप का समास विग्रह
राज्यसभा का समास विग्रह

25 Important परीक्षा में पूछे जाने वाले सामासिक शब्द के उदाहरण:

सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में समास संबंधी प्रश्न पूछे जाते हैं जिनमें मार्क्स लाना आसान होता है किन्तु सही जानकारी और अभ्यास के अभाव में अक्सर विद्यार्थी समास के प्रश्न में अंक लाने में कठिनाई अनुभव करते हैं। हमने प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे जाने वाले समास के उदाहरण और समास-विग्रह के महत्वपूर्ण सामासिक पदों का संकलन किया है जिनका अभ्यास करके आप पूर्ण अंक प्राप्त कर सकते हैं।

[display-posts category_id=”2796″  wrapper=”div”
wrapper_class=”my-grid-layout”  posts_per_page=”25″]

Leave a Reply

Your email address will not be published.