कोरोना वायरस (कोविद-19) पर निबंध Corona Virus Essay in Hindi

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कोरोना वायरस (कोविद-19) पर निबंध

आज समस्त विश्व में कोरोना वायरस (कोविद-19) एक महामारी की तरह फ़ैल चुका है । ताजा जानकारी के अनुसार पुरे विश्व में 28 लाख से अधिक लोग कोरोना वायरस (कोविद-19) की चपेट में आ चुके हैं और दो लाख से अधिक व्यक्तियों की इस के कारण मृत्यु हो चुकी है। मानव जाति का अभी तक जिन बीमारियों से सामना हुआ है यह वायरस उन सभी से अधिक  घातक सिद्ध हो रहा है।

कोरोना वायरस (कोविद-19) क्या है? What is Corona Virus in Hindi?

कोरोना वायरस (कोविद-19) एक अति -सूक्ष्म लेकिन खतरनाक वायरस है इसका आकार मानव के बाल की मोटाई से 900  गुना छोटा है । यह वायरस जानवरों से मानव में फैलता है और प्रभावित मनुष्य के श्वसन तंत्र को बुरी तरह से कमजोर कर देता है । यदि कोरोना से प्रभावित मनुष्य की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो तो यह वायरस उसके लिए प्राण घातक सिद्ध होता है ।

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यह बीमारी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को होती है। साधारण शब्दों में कहे तो कोरोना वायरस (कोविद-19) संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने से निकले थूक के बेहद बारीक कण हवा में फैल जाते है। इन कणों में कोरोना वायरस (कोविद-19) के विषाणु होते हैं। संक्रमित व्यक्ति के नज़दीक जाने पर ये विषाणुयुक्त कण सांस के रास्ते आपके शरीर में प्रवेश कर सकते हैं।

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मनुष्य कोरोना की उत्पत्ति सबसे पहले 1930 में एक मुर्गी में हुई थी और इसने मुर्गी के स्वसन प्रणाली को प्रभावित किया था और आगे चलकर 1940 में कई अन्य जानवरों में भी पाया गया। इसके बाद सन् 1960 में एक व्यक्ति में पाया गया । इन सब के बाद दिसंबर 2019 में  इसका विकराल रूप चीन में देखा गया जो अब धीरे-धीरे पूरे विश्व में फैलता जा रहा है। माना जा रहा है कि कोरोना वायरस (कोविद-19) चीन में वूहान प्रान्त में  जानवरों के बाज़ार से मानवों में आया।

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यदि भारत के परिप्रेक्ष्य में देखें तो अभी तक कोरोना से प्रभावीर मरीजों की संख्या 25000 से अधिक हो गयी है और अभी तक 700  से ज्यादा लोगों की कोरोना के कारण मौत हो चुकी है ।

कोरोना वायरस (कोविद-19) के लक्षण क्या है? (Corona Virus Symptoms in Hindi)

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना वायरस (कोविद-19) के लक्षण (करोना वाइरस सिंप्टम्स) बताये है :

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  1. बुखार
  2. गले में खराश और सूखी खांसी
  3. सांस लेने में समस्या (गंभीर मामलों में)
  4. फ्लू और कोल़्ड के सामान्य लक्षण
  5. डायरिया और उल्टी
  6. थकान
  7. शरीर और सिर में दर्द

मुख्य बात ये है कि नाक बहना कोरोना वायरस (कोविद-19) के मरीजों में लक्षण नहीं है ।

बुखार

स्वस्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना वायरस (कोविद-19) का मुख्य लक्षण तेज बुखार है।  जब तक बच्चों और वयस्कों के लिए कम से कम 100 डिग्री फ़ारेनहाइट (37.7 डिग्री सेल्सियस) तक न पहुंच जाए तब तक परेशान न हो कि आपको बुखार आ रहा है।

कोरोना से होने वाले बुखार के बारे में कई गलत धारणाएं हैं। मनुष्य का औसत दैनिक तापमान 98-6 डिग्री फ़ारेनहाइट (37 डिग्री सेल्सियस) है, लेकिन हम सभी का तापमान किसी एक दिन में थोड़ा  ऊपर और नीचे भी हो सकता है (एक डिग्री या आधा डिग्री) इसलिए 99  डिग्री  या 99.5 डिग्री फारेनहाइट को जरुरी तौर पर बुखार नहीं कहा जा सकता है। यह तनाव के कारण भी हो सकता है। अगर तापमान 100  डिग्री या इससे से ज्यादा हो तभी चिंता की बात है ।

सूखी खांसी / गले में खराश

कोरोना वायरस (कोविद-19) का अगला लक्षण कफ है। लेकिन नॉर्मल खांसी नहीं। कोरोना वायरस (कोविद-19) से संक्रमित व्यक्ति को गले में खराश और सूखी खांसी आती है।

अगर किसी व्यक्ति को सूखी खांसी के साथ तेज बुखार है तो उसे एक बार जरूर जांच करानी चाहिए।

सांस लेने में समस्या

कोरोना वायरस (कोविद-19) की शिकायत होने के 5 दिन के अंदर  उस व्यक्ति को सांस लेने में समस्या हो सकती है।  सांस लेने की समस्या फेफड़ो में बलगम फैलने के कारण होती है।

फ्लू और कोल़्ड जैसे लक्षण

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार कोरोना वायरस (कोविद-19) के लक्षण केवल बुखार, खांसी, सांस लेने की समस्या के अलावा फ्लू और कोल्ड जैसे भी लक्षण नजर आते है।

डायरिया और उल्टी

यह लक्षण 66 प्रतिशत लोगों में देखें गए है। इसके अनुसार कोरोना से संक्रमित लोगों को सूंघने और स्वाद की क्षमता में भी असर पड़ता है। इसके अलावा 30 प्रतिशत लोगों को डायरिया और उल्टी के भी लक्षण देखे गए है।

वायरस के कारण रोग प्रतिरोधक तंत्र का संतुलन बिगड़ता है और सूजन दिखनी शुरू हो जाती है।

कोरोना वायरस (कोविद-19) के कारण मृत्यु दर (corona virus Death rate in Hindi):

  •     9 साल तक के बच्चों में 0 फीसदी मृत्यु दर
  •     10-39 वर्ष तक के लोगों में 0-2 फीसदी मृत्यु दर
  •     40-49 वर्ष तक के लोगों में 0-4 फीसदी
  •     50-59 वर्ष तक के लोगों में 1-3 फीसदी
  •     60-69 वर्ष तक के लोगों में 3-6 फीसदी
  •     60-69 वर्ष तक के लोगों में 3।6 फीसदी
  •     70-79 वर्ष तक के लोगों में 8 फीसदी
  •     80 से ज्यादा वर्ष के लोगों में 14-8 फीसदी

स्पष्ट  है कि बढ़ती उम्र, कम होती इम्युनिटी और पहले से गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों पर कोरोना वायरस (कोविद-19) ज्यादा असर करता है।

कोरोना वायरस (कोविद-19) कैसे फैलता है?

कोरोना वायरस (कोविद-19) बीमारी संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने से निकले थूक के बेहद बारीक कण हवा में फैल जाते है। इन कणों में कोरोना वायरस (कोविद-19) के विषाणु होते हैं। संक्रमित व्यक्ति के नज़दीक जाने पर ये विषाणुयुक्त कण सांस के रास्ते आपके शरीर में प्रवेश कर सकते हैं।

इंसान के फेफड़े से ऑक्सीजन शरीर में पहुंचना शुरू होता है जबकि कार्बन डाई ऑक्साइड शरीर के बाहर निकलता है। लेकिन कोरोना के बनाए छोटे-छोटे एयरसैक में पानी जमने लगता है और इस कारण आपको सांस लेने में तकलीफ़ होती है और आप लंबी सांस नहीं ले पाते। ऐसे में मरीज़ को वेन्टिलेटर की ज़रूरत पड़ती है। और समय पर मेडिकल सहायता न मिलने पर  मौत भी हो सकती है।

कोरोना वायरस (कोविद-19) का इलाज (Corona virus treatment in Hindi)

अभी तक कोरोना वायरस (कोविद-19) से बचाव का वैक्सीन नहीं बना है लेकिन अमेरिका, यूरोप और भारत  सहित सभी देशों के डॉक्टर्स कोरोना के इलाज और इसकी वैक्सीन बनाने के लिए अनुसंधान कर रहे हैं। फिर भी ऐसा माना जा रहा है कि कोरोना वायरस (कोविद-19) की वैक्सीन बनाने में 6  महीने से लेकर 1  साल तक का समय लग सकता है।

कोरोना वायरस (कोविद-19) से बचाव / रोकथाम (Corona Virus prevention in Hindi):

कोरोना वायरस (कोविद-19) बीमारी (कोरोणवीरस डिसीज़) से खुद को बचाने के लिए हाइजीन का पूरा ख्याल रखें। इसके साथ ही कुछ उपाय  है जिन्हें अपनाकर आप कोरोना वायरस (कोविद-19) की रोकथाम कर सकते है।

  • – कोरोना वायरस (कोविद-19) संक्रमण से बचने के लिए अपने हाथों को  सैनिटाइजर (सनीटीज़ेर) या फिर हैंडवॉश और पानी से कम से कम 20 सेकंड तक धोएं।
  • – कोरोना वायरस (कोविद-19) के रोकथाम के लिए जब आप बाहर से घर वापस आए तो सबसे पहले अपने हाथ धोएं।
  • – अगर आप बाहर है तो सैनिटाइजर का यूज करें।
  • – मास्क पहनें। इसके साथ ही छींक आते समय टिशू से मुंह को ढक लें। जिससे कोई दूसरी व्यक्ति इससे संक्रमित न हो।
  • – उपयोग की गई टिशू को तुंरत डस्टबीन में डाल दें और अपने हाथ को धो लें।
  • – खांसी या जुकाम वाले व्यक्ति से बातें करते या मिलते समय उससे करीब 1 मीटर यानी 3 फिट की दूसरी बनाकर रखें।
  • – अपने हाथ से अपनी नाक, आंख और मुंह को न छुएं।
  • – अच्छी तरह से पका हुआ खाना ही खाए।

विशेष रूप से घर पर ही रहें । अगर आपको बुखार, खांसी , जुकाम हो या फिर सांस लेने में समस्या हो रही है तो तुरंत डॉक्टर से सपंर्क करें।

कैसे हुई कोरोना वायरस (कोविद-19) की शुरुआत

कोरोना वायरस (कोविद-19) चीन के शहर वुहान से पहला मामला सामने आया था। कोरोनावायरस बीमारी की शुरुआत को लेकर चीनी प्रशासन ने बताया कि कोरोना वायरस (कोविद-19) संक्रमण का पहला मामला दिसंबर को चीन के वुहान शहर के मांस-मछली और जानवरों के एक बाजार का था। इस व्यक्ति को बिल्कुल निमोनिया के बुखार जैसे लक्षण नजर आए।

कोरोना वायरस (कोविद-19) के रोकथाम के लिए धोएं अपने हाथ

  • – बाहर से आते ही हाथ अच्छी तरह साबुन से साफ किए जाने चाहिए।
  • – हाथ धोने का जो सही तरीका है उसका अनुसरण करें।
  • – अपनी हथेलियों को सही तरीके से साबुन लगाकर मलें, इसके बाद हथेली के पिछले हिस्से को सही तरीके से साबुन से साफ करें, अंगुलियों के बीच का जो हिस्सा है, उस पर भी अच्छी तरह से साबुन लगाकर उसे साफ करें।

भारत सहित अन्य देशों पर कोरोना वायरस (कोविद-19) प्रभाव

भारत में कोरोना वायरस (कोविद-19) से बचाव के लिए 24  मार्च से 14 अप्रैल तक लॉक डाउन का पहला चरण लागू किया गया और इसके बाद लॉक डाउन को 3 मई तक बढ़ा दिया गया । इसके अच्छे परिणाम सामने आये हैं और भारत में कोरोना के फैलने की गति पर रोक लगाने में काफी हद तक सफलता हाथ लगी है ।

खाने की दुकाने और दवाओं की दुकानों के अलावा हर एक चीज बंद कर दी गई है। घर से काम करने के निर्देश के साथ-साथ बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई कराई जा रही हैं।

शेयर बाजार पर पड़ा बुरा असर

कोरोना वायरस (कोविद-19) महामारी के कारण अनिश्चितता से जूझ रहे शेयर बाजारों के लिए उतार-चढ़ाव से भरपूर चल रहा है।

कोरोना वायरस (कोविद-19) को लेकर गलतफहमियां

  • – अल्कोहाल पीने से वायरस दूर रहते हैं।
  • – हैंड ड्रायर से मरेंगे कोरोना वायरस
  • – अल्ट्रावायोलेट लैंप
  • – एल्कोहल और क्लोरीन से बॉडी में स्प्रे करना
  • – पालतू जानवर फैला सकते हैं कोरोना वायरस
  • – निमोनिया की वैक्सीन नए कोरोना वायरस (कोविद-19) से दिला सकती है निजात
  • – सिर्फ बच्चों और बूढ़ों को घेरता है कोरोना वायरस
  • – लहसुन खाने से दूर होना कोरोना वायरस
  • – तिल के तेल से कोरोना वायरस (कोविद-19) रहेगा दूर
  • – एंटीबॉयोटिक से कोरोना का रोकथाम

सैनेटाइजर और मास्क कितना जरूरी?

जिन लोगों को  फ्लू वाला इंफेक्शन है, उन्हें ये मास्क लेना जरूरी है। जिससे दूसरे को यह संक्रमण है। इसके साथ ही हाथ धोना जरूरी है। इसके लिए सैनिटाइजर (सनीटीज़ेर) का इस्तेमाल करना जरूरी नहीं है। हर आम आदमी को मास्क (मास्क) लगाना जरूरी नहीं है।

क्या गर्मी आने से कोरोना खत्म हो जाएगा?

कोरोना वायरस (कोविद-19) गर्मी में खत्म होगा ऐसा जरूरी नहीं है। कई देशों में गर्मी होने के बावजूद वहां पर संक्रमण फैला हुआ है। ऐसे में ये कहना उचित नहीं होगा कि गर्मी से ये वायरस खत्म हो जाता है।

सैनिटाइजर और साबुन में ज्यादा असरदार कौन?

सैनिटाइजर (सनीटीज़ेर) के बजाय 20 सेकंड साबुन से हाथ धो लेना ज्यादा उचित है। इसके अलावा बाहर है तो सैनिटाइजर का इस्तेमाल कर सकते है।

इस प्रकार कोरोना वाइरस (कोविद-19) एक वैश्विक महामारी है जिसे पूरी गंभीरता से लेना आवश्यक है. अभी तक इसकी कोई वैक्सीन या दवाई उपलब्ध ना होने के कारण इससे बचाव ही एक मात्र उपाय है. अतः चिकित्सकों द्वारा बताए गये करोना से सुरक्षा के उपायों को अपनाना हमारे स्वयं के प्रति और समाज के प्रति ज़िम्मेदारी है और हमें एक ज़िम्मेदार नागरिक का कर्तव्य निभाते हुए घर में ही रहते हुए इस महामारी के संक्रमण को रोकना है .

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