शशिकला को जेल में रिश्वत के बदले वीआईपी ट्रीटमेंट का खुलासा करने वाली बोल्ड पुलिस अधिकारी को तबादले की सजा

बेंगलुरु: तमिलनाडु की राजनीती में हलचल मचा देने वाली तेज-तर्रार पुलिस अफसर डी रूपा को अपने शशिकला वाले बयान की कीमत चुकानी पडी है. चर्चित पुलिस अफसर को डी आई जी (जेल) के ओहदे से हटा कर आईजी और कमिश्नर ट्रैफिक एंड रोड सेफ्टी का कामकाज थमा दिया गया है.

आपको बता दें कि 2000 बैच की तेजतर्रार पुलिस अफसर ने यह कह कर तमिलनाडु की राजनीति में भूचाल ला दिया था कि पूर्व-मुख्यमंत्री शशिकला को जेल में वीआईपी ट्रीटमेंट दिया जा रहा है और इस मामले में डीजी जेल सहित आला पुलिस अधिकारियों ने रिश्वत ली है.

रूपा ने कहा था कि जेल में वीआईपी ट्रीटमेंट हासिल करने के लिए जेल के सीनियर अधिकारियों को 2 करोड़ की रिश्वत दी। जिनमें डीजी जेल एचएन सत्यनारायण राव का नाम भी सामने आया है। इस लेटर में जेल के भीतर होने वाली दूसरी अवैध एक्टिविजीज का भी जिक्र किया गया है। जाहिर है इस खुलासे के बाद तमिलनाडु प्रशासन में हड़कंप मच गया और तत्काल रिएक्शन में सरकार ने रूपा समेत 4 आईपीएस अफसरों के ट्रांसफर ऑर्डर जारी किए।

ध्यान रहे कि शशिकला को आय से अधिक संपत्ति के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 4 साल जेल की सजा सुनाई है। शशिकला अभी पारापन्ना अग्रहारा सेंट्रल जेल में कारावास की सज़ा काट रही हैं.

D Rupa exposed shashikala vip treatment transferredपुलिस अफसर डी रूपा ने अपनी रिपोर्ट एडीशनल चीफ सेक्रेटरी, डीजीपी प्रिजन और होम सेक्रेटरी को भेजी थी और दोषी जेल अधिकारियों के खिलाफ एक्शन लेने की अपील की थी।इन आरोपों पर जवाब देते हुए डीजी जेल सत्यनारायण राव ने कहा था, “इस लेटर में लगाए गए आरोपों में कोई भी सच्चाई नहीं है। रिश्वत के आरोपों से मैं पूरी तरह इनकार करता हूं। अगर उन्हें जेल में कुछ बातें नजर आई हैं तो उन्हें बातचीत करनी चाहिए। अगर उन्हें (डी रूपा) लगता है कि मेरे खिलाफ कोई आरोप हैं तो मैं जांच के लिए तैयार हूं। जहां तक शशिकला को असिस्टेंस देने के बात है तो ये कोर्ट का ऑर्डर है और हम केवल उन आदेशों का पालन कर रहे हैं।”

डीजी के मिल कर बात करने के बयान पर डीआईजी रूपा ने कहा, “अगर मैं कुछ गलत (होते हुए) देखती हूं और उसकी रिपोर्ट नहीं करती हूं तो ये मेरी तरफ से गलती होगी। मैंने केवल रिपोर्ट दी। सरकार की जिम्मेदारी है कि वो इसकी जांच करे कि मेरी रिपोर्ट सही है या नहीं।”

डी रूपा कर्नाटक कैडर से 2000 बैच की आईपीएस अफसर हैं। वह अपने छात्र जीवन में मेधावी छात्र रही हैं और उन्होंने UPSC एग्जाम में 43वीं रैंक हासिल की थी। 2016 में उन्हें प्रेसिडेंट पुलिस मैडल से सम्मानित किया गया था। रूपा कला प्रेमी भी हैं। वे एक ट्रेंड भरतनाट्यम डांसर भी हैं। उन्हें क्लासिकल म्यूजिक में भी महारत हासिल है।

इससे पहले भी रूपा अपने बोल्ड डिसीजन की वजह से सुर्ख़ियों में रह चुकी है. रूपा इससे पहले उस वक्त सुर्ख़ियों में आई थी जब 2004 में मध्य प्रदेश की सीएम उमा भारती को बाबरी मस्जिद मामले में खुद ही गिरफ्तार करने पहुंच गई थीं।

Shashikala ko jail mein rishwat ke badle VIP treatment ka khulasa karne vali bold police officer ka tabadla

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