दिल्ली जन लोकपाल बिल 2015 के मुख्य बिन्दु

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janlokpalदिल्ली विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले दिन हंगामे के बीच केजरीवाल सरकार ने दिल्ली का जनलोकपाल बिल पेश किया। जिसे कैबिनेट ने अपनी मंजूरी दे दी। दिल्ली सरकार के इस जनलोकपाल बिल के दायरे में दिल्ली के मुख्यमंत्री तक का कार्यालय आएगा! जिसका अर्थ है यदि मुख्यमंत्री भी भ्रष्टाचार करता हुआ पकड़ा जाता है तो उसे भी लोकपाल के अनुसार सज़ा का प्रावधान है!

विदित हो कि दिल्ली के आम आदमी पार्टी ने लोकपाल के मुद्दे पर 2012 में कॉंग्रेस सरकार के खिलाफ व्यापक जनआंदोलन किया था! हालाँकि बाद में दिल्ली चुनावों में जीत कर मुख्यमंत्री बनने के बाद केजरीवाल नें लोकपाल विधेयक को पास करने की कोशिश की थी जिसे कॉंग्रेस और भाजपा के एक जुट विरोध की वजह से वापस से लिया गया था! अंततः केजरीवाल नें इसकी नैतिक ज़िम्मेदारी लेते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफ़ा दे दिया था!

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दुबारा हुए चुनाव में बहुमत के साथ जीतने के बाद यह अटकलें लगाई जा रही थीं कि केजरीवाल सरकार जल्द ही जनलोकपाल बिल पास कर सकती है!

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आइए जानते हैं क्या खास है दिल्ली सरकार के इस जनलोकपाल बिल में

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दिल्ली जनलोकपाल बिल 2015 के मुख्य बिंदु

  • जनलोकपाल एक स्वायत्त संस्था होगी
  • इसके दायरे में मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री समेत सभी मंत्री आएंगे
  •  जनलोकपाल बिल के तहत मिलने वाली शिकायतों के खिलाफ 6 महीने में जांच पूरी करनी होगी और इतना ही वक्त सुनवाई खत्म करने के लिए मिलेगा .
  • जनलोकपाल के काम में सरकार का कोई हस्तक्षेप नहीं होगा और लोकपाल की नियुक्ति में भी कोई भूमिका नहीं होगी.

जनलोकपाल बिल- सज़ा के ये हैं  प्रावधान 

जनलोकपाल बिल में सजा का भी प्रावधान है .

  • बिल के मुताबिक भ्रष्टाचार में लिप्त पाए जाने पर संपत्ति ज़ब्त करने का प्रावधान है
  • भ्रष्टाचार के आरोप सिद्ध होने पर दिल्ली सरकार दोषी अधिकारी से उसके भ्रष्टाचार की वजह से हुए नुकसान का भरपाया वसूलेगी
  • किसी भी कर्मचारी के खिलाफ शिकायत आने पर लोकपाल की टीम 3 महीने में जाँच पूरी होगी और दोषी पाए जाने पर बर्खास्तगी के साथ जुर्माने का प्रावधान भी है
  • यदि किसी आम नागरिक का काम तय समय सीमा पर नही होता है तो शिकायत मिलने पर ज़िम्मेदार अधिकारी को उस विलंब से हुए नुकसान की भरपाई करनी होगी!

दिल्ली सरकार के कैबिनट से मंजूरी मिलने के बाद बिल को विधानसभा की एडवाइजरी कमेटी के पास भेजा जायेगा. कमेटी तय करेगी बिल को सदन में कब रखना है. माना जा रहा है कि विधानसभा के इसी सत्र में जनलोकपाल बिल को पेश किया जा सकता है!

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माना जा रहा है कि सदन में पास हो जाने के बाद यह बिल भ्रष्टाचार को रोकने में एक कारगर भूमिका निभाएगा! यदि ऐसा होता है तो भ्रष्टाचार के खिलाफ दिल्ली वासियों को बड़ी सफलता मिलने की उम्मीद है!

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