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मोदी सरकार लाने वाली है डिजिटल टैक्स, हर ऑनलाइन लेनदेन पर लगेगा टैक्स

स्वच्छ भारत और कृषि कल्याण टैक्स के बाद मोदी सरकार एक और टैक्स लाने की तैयारी कर रही है जिसे नाम दिया जाएगा डिजिटल टैक्स.

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खबरों के अनुसार यह टैक्स डिजिटल ट्रांसक्शन पर लगेगा. जिसे सिक्योरिटी फी का नांम भी दिया जा सकता है.

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सरकारी एजेंसियों के अनुसार इस टैक्स के इकठा हुए फण्ड का प्रयोग ऑनलाइन फ्रॉड को रोकने में किया जाएगा.

साइबर फ्रॉड से लड़ने के लिए अफसरों की एक मीटिंग के बाद यह प्रस्ताव रखा गया है कि भारत सरकार नागरिकों से हर डिजिटल ट्रांजैक्शन पर एक सिक्योरिटी फी ले जिसका प्रयोग साइबर अपराधियों से लड़ने में किया जाएगा.

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नास्कॉम इंटरनेट कौंसिल के प्रमुख प्रशांतो रॉय ने कहा स्वच्छ भारत की तरह यह टैक्स भी एक उद्देश्य को पूरा करने के लिए किया जाएगा. इससे ऑनलाइन फ्रॉड से लड़ने में मदद मिलेगी.

हालाँकि गृह मंत्रालय ने एक समर्पित साइबर-फोरेंसिक लैब के निर्माण की सिफारिश की है। मंत्रालय ने सुझाव दिया है कि 13,500 फोरेंसिक अधिकारियों के साथ 27,500 पुलिस कर्मियों को साइबर धोखाधड़ी मामलों को कैसे निपटाने के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा।

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इस पर बात करते हुए गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा, “अब तक हमारे पास साइबर धोखाधड़ी के मामलों से निपटने के लिए जनशक्ति या विशेषज्ञता नहीं है, जो चुनौतीपूर्ण है”,

हालाँकि जानकारों ने इस कदम का विरोध किया है. उनके अनुसार सरकार को डिजिटल ट्रांसक्शन को बढ़ावा देना चाहिए. इस तरह के टैक्स से लोगों का रुझान ऑनलाइन पेमेंट से घटेगा. साइबर धोखाधड़ी को रोकने के लिए सरकार जनता पर बोझ डाले बिना अन्य तरीके से फण्ड इकठ्ठा कर सकती है.

 

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