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दिवाकर में कौन सा समास है? दिवाकर का समास-विग्रह क्या है?

Divakar mein kaun sa samas hai? Divakar ka samas-vigrah kya hota hai?

दिवाकर में कौन सा समास है?

बहुब्रीहि समास – दिवाकर शब्द में बहुब्रीहि समास है।
दिवाकर में समास का उपभेद बहुब्रीहि समास है
Divakar mein kaun sa Samas hota hai?
Bahuvrihi Samas  – Divakar shabd mein Bahuvrihi Samas  hai.

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दिवाकर का समास-विग्रह क्या है? Divakar ka Samas-Vigrah kya hai?

दिवाकर शब्द का समास-विग्रह निम्नानुसार होगा :

समास (समस्त पद) समास-विग्रह
दिवाकर : दिन को करने (संभव बनाने) वाला -सूर्य
Divakar : Din ko karne (Sambhav banane) wala – Surya

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क्योंकि दिवाकर में बहुब्रीहि समास है इसलिए हमने विद्यार्थियों की सहायता के लिए बहुब्रीहि समास की परिभाषा, भेद और उदाहरण को यहाँ पर संक्षेप में समझाया है। अगर विद्यार्थी बहुब्रीहि समास को विस्तार से पढ़ना चाहें तो नीचे दिये गए लिंक (बहुब्रीहि समास की परिभाषा – ) पर जा कर पढ़ सकते हैं।

बहुब्रीहि समास की परिभाषा –

बहुब्रीहि समास [ सूत्र-अनेकमन्य पदार्थे ]-जिस समास में दोनों पद प्रधान न होकर कोई अन्य पद की प्रधानता होती है। उसे बहुब्रीहि समास कहते है। जैसे-दशानन-दस है मुख जिसके अर्थात् रावण

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बहुब्रीहि समास के उदाहरण –

बहुब्रीहि समास के उदाहरण नीचे दिये गए हैं। विद्यार्थियों को इनका लिख लिख कर अभ्यास करना चाहिए।

समास (समस्त पद) – समास-विग्रह
वक्रतुण्ड – वक्र है तुण्ड जिसकी -गणेश
राजरोग – रोगों में राजा -असाध्य रोग, यक्ष्मा
रतिकांत – वह जो रति का कांत (पति) है -कामदेव
रघुनन्दन – “रघु का नन्दन है जो -राम”
मयूरवाहन – वह जिनके मयूर का वाहन है -कार्तिकेय
प्राप्तोदक – प्राप्त है उदक जिसे -जिसका तर्पण हो गया है
पुष्पधन्वा – वह जिसके पुष्पों का धनुष है -कामदेव
पुंडरीक – वह जो कमल के समान है -विष्णु
पद्मासना – पद्म है आसन जिसका -लक्ष्मी
पद्मनाभ – वह जिसकी नाभि में पद्म (कमल) है -विष्णु

समास की परिभाषा :

समास का तात्पर्य होता है-‘संक्षिप्तीकरण’ और इसका शाब्दिक अर्थ होता है छोटा रूप। अथार्त जब दो या दो से अधिक शब्दों से मिलकर जो नया और छोटा शब्द बनता है उस शब्द को समास (Samas) कहते हैं। समास रचना में दो पद होते हैं। प्रथम पद को ‘पूर्वपद ‘ कहा जाता है और द्वितीय पद को ‘उत्तरपद ‘ कहा जाता है। इन दोनों से जो नया शब्द बनता है वो”समस्त पद” या” सामासिक शब्द” कहलाता है।

समास-विग्रह क्या होता है?

जब समस्त पद के सभी पद अलग-अलग किये जाते हैं उसे समास-विग्रह (Samas Vigrah) कहते हैं। समास-विग्रह सामासिक पद के शब्दों के मध्य संबंध को स्पष्ट करने के लिए किया जाता है।

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परीक्षा में दिवाकर समस्त पद को लेकर कई प्रकार से प्रश्न पूछा जा सकता है जैसे कि दिवाकर में कौन सा समास है? दिवाकर शब्द में कौन सा समास होगा? दिवाकर में कौन सा समास होता है? दिवाकर में कौन सा समास है बताइये दिवाकर का समास विग्रह बताइए दिवाकर का समास विग्रह क्या है? दिवाकर का समास विग्रह क्या होगा? आदि।

समास – परिभाषा, भेद, उदाहरण, समास-विग्रह

समास अभ्यास प्रश्न (Samas Worksheet)

महादेव में कौन सा समास है
घुड़सवार में कौन सा समास है
समास विग्रह से क्या तात्पर्य है
राज मर्यादा में कौन सा समास है
गुरुमुखी में कौन सा समास है
मित्र मंडली सामाजिक पद में कौन सा समास है
बहुव्रीहि समास के 100 उदाहरण
बहुव्रीहि समास के उदाहरण हिंदी में
देवासुर का समास विग्रह कीजिए
बहुव्रीहि समास के उदाहरण हिंदी में
बहुव्रीहि समास के 100 उदाहरण
राज्यसभा का समास विग्रह
समास विग्रह कीजिए Class 9
समास के प्रकार
उटपटांग का समास विग्रह
बहुव्रीहि समास के उदाहरण संस्कृत में

25 Important परीक्षा में पूछे जाने वाले सामासिक शब्द के उदाहरण:

सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में समास संबंधी प्रश्न पूछे जाते हैं जिनमें मार्क्स लाना आसान होता है किन्तु सही जानकारी और अभ्यास के अभाव में अक्सर विद्यार्थी समास के प्रश्न में अंक लाने में कठिनाई अनुभव करते हैं। हमने प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे जाने वाले समास के उदाहरण और समास-विग्रह के महत्वपूर्ण सामासिक पदों का संकलन किया है जिनका अभ्यास करके आप पूर्ण अंक प्राप्त कर सकते हैं।

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