दुखी बना मंजु-मना ब्रजांगना में कौनसा अलंकार है?

Advertisements

दुखी बना मंजु-मना ब्रजांगना में कौनसा अलंकार है?

प्रश्न – दुखी बना मंजु-मना ब्रजांगना में कौनसा अलंकार है? उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिये।

Advertisements

उत्तर – प्रस्तुत पंक्ति में अनुप्रास अलंकार है क्योंकि इसमें ब, न, द और म की आवृति हुई है। वर्णों की आवृति से कविता में चमत्कार उत्पन्न हो रहा है।

इस पंक्ति में अनुप्रास अलंकार का कौन सा भेद हैं?

Advertisements

इस पंक्ति में अनुप्रास अलंकार के दो भेदों का प्रयोग हुआ है। एक से अधिक वर्णों की आवृत्ति के कारण यहाँ छेकानुप्रास है और तुक मिलने के कारण अंत्यानुप्रास भी है।

जैसा कि आपने इस उदाहरण में देखा जहां पर किसी वर्ण के विशेष प्रयोग से पंक्ति में सुंदरता, लय तथा चमत्कार उत्पन्न हो जाता है उसे हम शब्दालंकार कहते हैं।

अनुप्रास अलंकार शब्दालंकार का एक प्रकार है। काव्य में जहां समान वर्णों की एक से अधिक बार आवृत्ति होती है वहां अनुप्रास अलंकार होता है।

दुखी बना मंजु-मना ब्रजांगना में अलंकार से संबन्धित प्रश्न परीक्षा में कई प्रकार से पूछे जाते हैं। जैसे कि – यहाँ पर कौन सा अलंकार है? दी गई पंक्तियों में कौन सा अलंकार है? दिया गया पद्यान्श कौन से अलंकार का उदाहरण है? पद्यांश की पंक्ति में कौन-कौन सा अलंकार है, आदि।

इस काव्य पंक्ति में अन्य अलंकार की उपस्थिति –

ब्रज के ऊपर आँगन को आरोपित किया गया है इसलिए इसमे रुपक अलंकार है

Leave a Reply

Your email address will not be published.