प्रत्येक स्वतंत्र राष्ट्र का अपना एक चिन्ह या प्रतीक होता है। जिससे उसकी पहचान बनती है। राष्ट्रीय ध्वज हर राष्ट्र के गौरव का प्रतीक होता है।

essay on rashtreey dhwaj in hindi‘तिरंगा’ हमारा राष्ट्रीय ध्वज है। हमारा देश भारत विविध जातियों, धर्मों और संस्कृतियों को देश है। इसी प्रकार हमारा ध्वज भी भाव प्रधान है। हमारे राष्ट्र के झंडे में तीन रंग हैं इसीलिये इसे तिरंगा कहते हैं। झंडे में तीन रंगों की पट्टियाँ हैं। जिनका आकार समान है। झंडे के सबसे ऊपर केसरिया रंग है जो वीरता और शौर्य को प्रकट करता है। बीच का हिस्सा सफेद रंग हा है जो पवित्रता, त्याग भावना एवं सादगी का प्रतीक है। नीचे के भाग का हरा रंग हमारे देश की हरी भरी धरती और सम्पन्नता को दर्शाता है। ध्वज की मध्य सफेद पट्टी पर अशोक चक्र बना है। नीले रंग के अशोक चक्र में 24 लाइनें हैं। अशोक चक्र धर्म, विजय एवं प्रगति का द्योतक है।

हमारी स्वतंत्रता की लड़ाई में तिरंगे की एक मुख्य भूमिका रही। 15 अगस्त 1947 को स्वतंत्रता प्राप्त करने के बाद यह हमारा राष्ट्रीय ध्वज बना। राष्ट्रीय समारोहों एवं महत्वपूर्ण अवसरों पर एक राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाता है।

राष्ट्रीय ध्वज प्रत्येक राष्ट्र की शान होता है। राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। राष्ट्रीय ध्वज का अपमान दण्डनीय अपराध है।

लहराता हुआ तिरंगा प्रत्येक भारतीय को राष्ट्र प्रेम की भावना से ओत प्रोत कर देता है।

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