पढ़ें कैसे निर्भया कांड के नाबालिग को ले कर सोशल मीडिया पर फैलाया जा रहा झूठ

देश के सबसे शर्मनाक घटनाओं में से एक निर्भया रेप कांड (जिसमें दिल्ली में चलती बस में एक लड़की का सामूहिक बलात्कार 6 लोगों ने किया था) में एक नाबालिग को ले कर काफी बयानबाज़ी हुई ! सभी अभियुक्तों में से उसने सबसे अधिक बर्बरता दिखाई थी परन्तु नाबालिग होने की वजह से उसे सिर्फ तीन साल की सजा हुई और हाल ही में उसे आज़ाद कर दिए गया जिसके बाद दिल्ली सरकार ने जुवेनाइल सेटलमेंट प्रक्रिया के तहत उसे 10, 000 रूपए और एक सिलाई मशीन दी थी!

परन्तु इन सब के बीच यह बात बड़े धड़ल्ले से सोशल मीडिया से माध्यम से सामने आ रही थी कि रेप करने वाला एक मुस्लमान युवक है जिसका नाम अफरोज है! उस युवक की तस्वीर के साथ अनाप शनाप बयानबाज़ी फेसबुक पर कुछ धार्मिक उन्मादियों द्वारा की जा रही है!

‘निर्भया का कातिल अफरोज’ शीर्षक के साथ फेसबुक पर शेयर की जा रही पोस्ट में लिखा गया है

‘ये कानून और टीम केजरीवाल के लिए अभी बच्चा है और इसको ये सुधारेंगे…4 हफ्ते तक और इस दरिंदे के छूटने तक राज्यसभा में कांग्रेस ने जुवेनाइल बिल पास नहीं होने दिया और इसके छूटते ही कांग्रेस ने शांति से इस बिल को पास होने दिया. अफरोज को छूटने के बाद केजरीवाल सरकार सिलाई मशीन देने वाली है और अफरोज को लेडीज टेलर बनायेगी. अब राष्ट्रवादियों क्या ये भी बताना पड़ेगा की (कि) कौन सी सरकार निर्भया के (की) मौत पर मोमबत्ती जला रहा थी और आज कौन उसके कातिल को बचा रही है।’  भ्रामक खबर फैला रही प्रोफाइल का लिंक

सोशल मीडिया पर फैलाया जा रहा झूठ
सोशल मीडिया पर फैलाया जा रहा झूठ

तस्वीर में जिस शख्स को दर्शाया गया है वह वास्तव में विनय शर्मा है न की अफरोज ! विनय एक बालिग है जो की एक जिम इंस्ट्रक्टर रह चूका है , इस केस में उसे सजा मिल चुकी है और वो जेल में है!

vinay

CNN और इंडियाटाइम्स की रिपोर्ट (proof)  में यह साफ़ लिखा है कि तस्वीर में दिखने वाला यह शख्स विनय है न कि अफ़रोज़! फिर भी सोशल मीडिया पर लोग धड़ल्ले से इस बात को मान कर धर्म विशेष के खिलाफ टिप्पणी किये जा रहे हैं जो की कही से भी तर्कसंगत नहीं है!

परन्तु उसकी फोटो के साथ कुछ धर्म के ठेकेदार अपनी मन मर्ज़ी से जो चाहे लिख कर समाज में धर्म विशेष के प्रति द्वेष तो फैला ही रहे हैं साथ में केजरीवाल सरकार को भी निशाने पर ले लिया है!

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आम आदमी पार्टी भी निशाने पर 

सोशल मीडिया पर यह झूठ फैलाया जा रहा है कि धर्म विशेष को आकर्षित करने के लिए केजरीवाल सरकार इस अभियुक्त को 10,000 रूपए और सिलाई मशीन देने के साथ उसे लेडीज टेलर बनाएगी!

आम आदमी पार्टी या आप सरकार की ओर से कभी नहीं कहा गया कि वह ‘अफ़रोज़’ को लेडीज़ टेलर बनाएगी। यह एक बीमार दिमाग़ की उपज से ज़्यादा और कुछ नहीं। अभी जो जुवेनाइल जस्टिस ऐक्ट लागू है, उसके तहत सरकार का फ़र्ज़ बनता है कि वह हर जुवेनाइल के पुनर्वास की व्यवस्था करे। यदि बीजेपी की सरकार अभी दिल्ली में होती तो उसे भी यह व्यवस्था करनी पड़ती।

सोशल मीडिया पर तेज़ी से फ़ैल रहे इस झूठ को रोकने के लिए फिलहाल हमारा समाज कुछ कर पाने में असमर्थ है परन्तु हम यह अपील करते हैं कि किसी भी तथ्य पर यकीन करने से पहले उसे सत्यापित ज़रूर करें वर्ना वह दिन दूर नहीं जब भारत धर्म और जाति के नाम पर टुकड़ो में बंट जाएगा और ये धर्म के ठेकेदार अपनी रोटी सेकने के अलावा कुछ और नहीं कर पाएंगे

हम सभी को यह बात नहीं भूलनी चाहिए कि रेप करने वाले रेपिस्ट होते हैं उनको किसी धर्म से जोड़कर देखना बेवकूफी है! 6 में से 5 रेपिस्ट हिन्दू थे और एक मुसलमान परन्तु इसका ये मतलब बिलकुल नहीं कि हम रेप करने वाले को उसके धर्म के चश्मे से देखें!