आदित्यनाथ योगी और कैप्टन अमरिंदर सिंह लगभग साथ-साथ ही मुख्यमंत्री बने थे| एक ने पंजाब को संभाला तो दूसरे ने उत्तर प्रदेश को| कैप्टन ने अपनी पहली केबिनेट बैठक में 120 फैसले लिए| वही योगी ने फैसले कम पर एक्शन ज्यादा लिए| अभी तक देखा जाये तो कैप्टन फैसले लेने में बहुत आगे चल रहे है| तो वही योगी प्रतिदिन एक्शन ले रहे है| पूरे देश की निगाहे दोनों मुखयमंत्रियो पर टिकी है| दोनों ही अपनी-अपनी पार्टी के लिए 2019 के चुनाव को ध्यान में रखते हुए कार्य कर रहे है| उत्तर प्रदेश में तो रिजल्ट आना शुरू भी हो चुका है| परन्तु पंजाब के लिए अभी समय है|

एक्शन लेने में आदित्यनाथ और फैसले लेने में कैप्टन है आगे

योगी आदित्यनाथ द्वारा लिए गए कुछ एक्शन

– एंटी रोमियो स्कवायड
– किसानो के 1 लाख तक का फसली ऋण माफ़
– किसानो से सीधे गेंहू खरीदने के लिए बनेंगे 5000 केंद्र
– केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व में आलू खरीदने के लिए बनाई गई कमेटी
– अवैध खनन को रोकने के लिए बनाई गई कमेटी, जिसकी अध्यक्षता केशव प्रसाद मौर्य करेंगे
– 26 अवैध बूचड़खाने बंद कराये गए
– गाँवो को 18 घंटे और शहरों को 24 घंटे बिजली पहुंचाने का कार्य
– सभी धार्मिक स्थानों पर 24 घण्टे बिजली उपलब्ध
– 15 जून तक सभी सड़के गड्ढामुक्त बनाई जाएगी|
– गन्ना किसानो का भुगतान समय पर होगा| पिछले बकाया भुगतान 120 दिन में करेगी योगी सरकार
– पुराने सभी प्राधिकरणों की जाँच की जाएगी
– गाज़ीपुर में स्पोर्ट्स काम्प्लेक्स बनाया जायेगा
– ट्रांसफार्मर को 72 की जगह 48 घंटे में बदला जायेगा

एक्शन लेने में आदित्यनाथ और फैसले लेने में कैप्टन है आगे

कैप्टन अमरिंदर सिंह द्वारा लिए कुछ गए फैसले

– उद्धघाटन और शिलान्यास नहीं करेंगे सीएम और मंत्री
– सरकार का महंगे होटलो में डिनर और लंच बंद
– राज्य में वीआईपी कल्चर बंद करने का फैसला
– महिलाओ की नौकरी में भागीदारी 33 प्रतिशत
– बादल सरकार के पिछले 6 महीने में लिए गए सभी फेसलो पर रोक
– जमीन की कुर्की रोकने के लिए जल्द बनेगा कानून
– सीएम और मंत्रियो का स्वास्थ्य खर्च मेडिकल पॉलिसी के जरिये होगा| कोई भी मेडिकल इंबर्समैंट नहीं होगा
– किसानो के लिए कृषि बीमा कॉर्पोरेशन बनेगा
– राज्य में नशे को काबू करने के लिए एसआईटी का गठन होगा
– अब राज्य में पुलिस वालो के ड्यूटी के घंटे तय किये जायेंगे| इसी के अनुसार पुलिसवाले कार्य करेंगे|
– पंजाब में डीटीओ का पद समाप्त किया जायेगा
– एमपी और एमएलए को हर साल जनवरी में अपनी संपत्ति का ब्यौरा देना होगा| यह सम्पति चल-अचल दोनों हो सकती है|

दोनों ही सीएम तेजी से अपने-अपने राज्यों की रूप-रेखा बदलने की कोशिश कर रहे है| सभी फैसले आने वाले 2019 में लोकसभा चुनावो को मद्देनज़र रखते हुए लिए जा रहे है| चलो इसी बहाने जनता के अच्छे दिन आ रहे है| दोनों ही राज्यों में जनता की भलाई के कार्य किये जा रहे है|

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Pankaj Sharma
देश की राजनीति से जुडी ख़बरों पर कड़ी नजर रखते हैं. फिल्में देखने का है शौक. नयी जगहों पर घूमना अत्याधिक पसंद