Ganesh ji ke vahan mushak (Chuhe) se kya seekh milti hai?

आज के भौतिक युग में जीवन गुजारने के लिये गणेश जी का चूहा हमें कई महत्वपूर्ण लाइफ मैनेजमेंट के फंडे बताता है, जिन्हें अपना कर हम हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर सकते हैं। चूहा जिस प्रकार हमारे घर में कहीं बिल बना कर रहता है और हम चूहे को बिल के अंदर देख नहीं पाते हैं। इसी वजह से चूहे को अंतर्यामी ब्रहमा का प्रतीक भी माना गया है। अंतर्यामी ब्रहा से तात्पर्य है कि सृष्टि के सभी पदार्थों, सभी स्थानों में ईश्वर का वास है, लेकिन दिखाई नहीं देते। जिस प्रकार हम हमारे ही घर में रहने वाले चूहे को बिल के अंदर नहीं देख पाते, ठीक उसी प्रकार मोह, अविद्या, अज्ञानवश हम भगवान को भी समझ नहीं पाते हैं। अतः हमें भी अपना अभिमान त्याग कर परमात्मा को जानकर उनकी उपासना करनी चाहिए।

Ganesh ji ke vahan mushak (Chuhe) se kya seekh milti hai?गणेश जी को बुद्धि और ज्ञान का देवता माना जाता है। उनका वाहन चूहा भी जिस प्रकार किसी भी वस्तु को कुतर कुतर कर उसके छोटे छोटे टुकड़े कर देता है उसी प्रकार हमें भी बुद्धि के प्रभाव से जीवन की सभी समस्याओं अलग अलग कर विश्लेषण करना चाहिए और सत्य और ज्ञान तक पहुंचना चाहिए। जिन लोगों पर गणपति की कृपा होती है, उन्हें अच्छी बुद्धि और ज्ञान प्राप्त होता है।

चूहा बिल में छुपकर रहने वाला, अंधकार प्रिय प्राणी है। इस वजह से यह नकारात्मक और अज्ञानी शक्तियों का प्रतीक भी है। ये शक्तियां ज्ञान और प्रकाश से डरती हैं और अंधेरे में अन्य लोगों को हानि पहुंचाती है। जो व्यक्ति गणेश जी की कृपा प्राप्त करना चाहता है उसे इन सभी नकारात्मक शक्तियों और भावनाओं का त्याग करना होगा। तभी वह व्यक्ति ज्ञान और बुद्धि प्राप्त कर सकता है। अंधकार और नकारात्मक विचारों को छोड़ने के बाद व्यक्ति को जीवन के हर कदम पर सफलता ही प्राप्त होती है।

जिस प्रकार चूहा हमेशा ही सतर्क और जागरूक रहता है, उसी प्रकार हमें भी हर प्रकार की परिस्थितियों का सामना करने के लिए सदैव तैयार रहना चाहिए और समस्याओं को तुरंत सुलझा लेना चाहिए।

चूहे को धान्य अर्थात् अनाज का शत्रु माना जाता है। अतः श्री गणेश का वाहन मूशक यह संकेत देता है कि हमें भी हमारे अनाज, संपति आदि को बचाकर रखने के लिए उन विनाशक जीव जंतुओं पर नियंत्रण करना चाहिए। वहीं हमारे जीवन में जो लोग हमें नुकसान पहुंचा सकते हैं उन पर भी पूर्ण नियंत्रण किया जाना चाहिए, ताकि जीवन की सभी समस्याएँ, समाप्त हो जाएँ और हम सफलताएँ प्राप्त कर सकें।

इन सभी बातों को अपनाने से हमारे जीवन की कई परेशानियां दूर हो जाएँगी। धन, संपति और धर्म के क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलताएँ प्राप्त होंगी। घर परिवार और समाज में मान सम्मान मिलेगा।

हिंदी वार्ता से जुडें फेसबुक पर-अभी लाइक करें

 
Ritu
ऋतू वीर साहित्य और धर्म आदि विषयों पर लिखना पसंद करती हैं. विशेषकर बच्चों के लिए कविता, कहानी और निबंध आदि का लेखन और संग्रह इनकी हॉबी है. आप ऋतू वीर से उनकी फेसबुक प्रोफाइल पर संपर्क कर सकते हैं.