सरकार का सुझाव: अगर स्वस्थ बच्चे चाहिए तो गर्भवती महिलाये वासना और मासांहार से रहे दूर

नई दिल्ली: श्रीपद नायक ( मिनिस्टर स्टेट फॉर आयुष ) द्वारा जारी की गई एक पुस्तिका में गर्भवती महिलाओं को “इच्छा या लालसा” से दूर रहने, गैर-शाकाहारी भोजन से बचने और आध्यात्मिक विचारों को अपनाने की सलाह दी गई है|

अगर स्वस्थ बच्चे चाहिए तो गर्भवती महिलाये वासना और मासांहार से रहे दूर

21 जून को योग दिवस से पहले वितरित की गई “मदर एंड चाइल्ड केअर” पुस्तिका में गर्भवती महिलाओ से कुछ सिफारिशें की गई है। इसमें बुरी आदतों से बचने की आवश्यकता और सलाह भी शामिल है| गर्भवती महिलाओं को इच्छा, क्रोध, लगाव, घृणा और वासना से अलग होना चाहिए। बुरी आदतों से बचें और हमेशा स्थिर और शांतिपूर्ण स्थिति में अच्छे लोगों के साथ रहें।

गर्भवती महिलाओ को सेक्स और नॉन-वेज को त्यागना चाहिए

संपर्क करने के बाद सीसीआरएन के निदेशक ईश्वर नारायण आचार्य ने कहा, यह केवल एक सलाह है और किसी को भी इसे पालन करने के लिए मजबूर नहीं किया गया है। यह सभी सलाह योग और नेचुरोपैथी मे वर्षो के अभ्यास के बाद आम जनता के बीच राखी गई है| उन्होंने कहा कि यह पुस्तिका गर्भवती महिलाओं को सेक्स से बचने का सुझाव ही नहीं देती, बल्कि अपनी इच्छा और लालसा से खुद को अलग करती है। उन्होंने यह भी कहा, गर्भावस्था के दौरान गैर-शाकाहारी भोजन से बचा जाना चाहिए क्योंकि यह प्राकृतिक चिकित्सा में एक सामान्य सिद्धांत है। सरकार की सूचना, शिक्षा और संचार (आईईसी) सामग्री का एक हिस्सा है यह पुस्तिका| इसमें सुझाव दिया है कि माताओं को महान व्यक्तित्वों के जीवन के बारे में पढ़ना चाहिए| स्वयं को “शांति” में रखें और एक स्वस्थ बच्चे के लिए अपने बेडरूम में “अच्छे और खूबसूरत चित्र” लटकाए |

पुस्तिका आने के बाद हमारे देश के कुछ विशेषज्ञों की राय

विशेषज्ञों ने सुझावों का उपहास किया और कहा कि उनका कोई आधार नहीं है। दिल्ली के एक अग्रणी अस्पताल के एक डॉक्टर ने कहा, वास्तव में अंडे और गैर-शाकाहारी भोजन की गर्भावस्था के दौरान अत्यधिक सिफारिश की जाती है क्योंकि वे प्रोटीन में समृद्ध हैं। डॉक्टरों ने यह भी कहा कि हम केवल पहले तिमाही मे योन संबंध न रखने कि सलाह देते है| वो भी जब प्लेसेंटा कम होता है और विशेष रूप से उच्च जोखिम वाले गर्भधारण के मामले में। अन्यथा यदि गर्भावस्था सामान्य है, तो संयम की कोई आवश्यकता नहीं है क्योंकि गर्भ में बच्चे को अमीनोटिक द्रव और गर्भाशय की मांसपेशियों द्वारा संरक्षित किया जाता है।