घर में क्यों नहीं पहनना चाहिए चप्पल? Ghar mein chappal kyon nahin?

Ghar mein chappal kyon nahin pahanani chahiye?

आजकल अधिकाँश लोग घर में स्लीपर्स या चप्पल जूते पहनकर ही घूमते हैं। प्राचीन काल से ही ऋषि मुनियों और विद्वानों द्वारा घर में चरण पादुकाएं अर्थात् जूते चप्पल नहीं पहनने की बात कही गई है। घर में जूते चप्पल नहीं पहनना चाहिए इसकी वजह यह है कि जब हम कहीं बाहर से घर आते हैं तब जूते चप्पल के साथ गंदगी भी आती है। आधुनिकता के चक्कर में बाहर की गंदगी भरा चप्पल पहनकर जाना बहुत कॉमन हो गया है, लेकिन अगर सही और गलत की बात की जाए तो स्वच्छता और साफ-सफाई के दृष्टि से तो यह सही है ही नहीं लेकिन इसके अलावा वास्तु के अनुसार भी ऐसा करना सही करार नहीं दिया गया है।

Ghar mein chappal kyon nahin pahanani chahiyeऐसे में यदि हम वही जूते चप्पल घर में लेकर जाते हैं तो वह गंदगी घर में फैलती है, जो कि परिवार के सदस्यों के लिए भी स्वास्थ्य की दृष्टि से हानिकारक होती है। इस गंदगी में कई प्रकार की बीमारियां फैलाने वाले कीटाणु रहते हैं। इस वजह से भी घर में जूते चप्पल पहनना उचित नहीं है।

साथ ही इस बात के पीछे धार्मिक कारण भी है। घर में ही देवी देवताओं का स्थान भी होता है। जहां हम रहते हैं वहां सभी दैवीय शक्तियां भी निवास करती हैं। ऐसे में यदि हम जूते चप्पल या स्लीपर्स पहनकर घर मेंघूमते हैं तो भगवान का भी अपमान होता है।

वैसे तो आजकल सभी अपने अपने घरों में परमात्मा के लिए अलग कक्ष बनवाते हैं। घर में कई स्थानों पर भगवान से संबंधित वस्तुएं भी रहती हैं, जो कि ईश्वर का ही प्रतिनिधित्व कहती है। उनके सामने चरण पादुका यानी जूते चप्पल पहनकर जाना निश्चित ही अनुचित है। घर में नंगे पैर ही रहना चाहिए, इससे घर की पवित्रता बनी रहती है और ऐसे परिवार में देवी देवता भी स्थायी रूप से निवास करते हैं।

भगवान की कृपा से उस घर में किसी भी प्रकार धन, सुख समृद्धि की कोई कमी नहीं रहती। इसका वैज्ञानिक कारण यह है कि घर में नंगे पैर रहने से प्रेशर पांईट्स दबते हैं, जिससे कई तरह के रोग दूर रहते हैं। इन कारणों से घर में जूते चप्पल नहीं पहनना चाहिए और नंगे पैर ही रहना चाहिए।

घर में देवी-देवताओं का स्थान भी होता है। जहां हम रहते हैं वहां सभी दैवीय शक्तियां भी निवास करती हैं। यदि हम जूते-चप्पल पहनकर घर में घुमते हैं तो भगवान का भी अपमान होता है। आजकल कुछ लोग अपने-अपने घरों में परमात्मा के लिए अलग पूजा स्थल या कमरा बनवाते हैं। इसके अलावा घर में कई स्थानों पर भगवान से संबंधित वस्तुएं रखी रहती है जो कि ईश्वर का ही प्रतीक स्वरूप रहती हैं। उनके सामने चरण पादुका यानि जूते-चप्पल पहनकर जाना अनुचित है। घर में नंगे पैर ही रहना चाहिए इससे घर की पवित्रता बनी रहती है और देवी-देवता भी स्थाई रूप से निवास करते हैं और भगवान की कृपा बनी रहती है। इन कारणों से घर में जूते-चप्पल नहीं पहनना चाहिए।

जूते-चप्पल घर के बाहर या घर के अंदर ऐसे स्थान पर रखना चाहिए जहां से गंदगी पूरे घर में न फैले। घर के बाहर भी जूते-चप्पलों को व्यवस्थित ढंग से ही रखा जाना चाहिए। बेतरतीब रखे गए जूते-चप्पल वास्तु दोष उत्पन्न करते हैं। अत: इससे बचना चाहिए। यदि घर में चप्पल पहनना ही पड़े तो घर के अंदर की चप्पल दूसरी रखें, जिसे बाहर पहनकर न जाएं।