खुलासा: मार्च में ही ख़त्म हो गया था ऑक्सीजन सप्लाई करने वाली कंपनी के साथ कॉन्ट्रैक्ट

पुष्पा सेल्स के मालिक प्रवीण मोदी ने मीडिया को बताया कि भाजपा की सरकार आने के बाद इस साल मार्च में ही ऑक्सीजन सप्लाई का कॉन्ट्रैक्ट पुष्पा सेल्स के साथ ख़त्म हो गया था. और योगी की भाजपा सरकार ने BRD कॉलेज की ऑक्सीजन सप्लाई का ठेका अल्लाहाबाद की इम्पीरियल गैस नमक कंपनी को दे दिया था.

child dead in gkp

यह भी सामने आया है कि सेंट्रल ऑक्सीजन पाइपलाइन प्लांट के स्टाफ ने बाल चिकित्सा विभाग के प्रमुख को चिट्ठी लिख कर ऑक्सीजन के घटते स्टॉक के बारे में चेताया था. बाल चिकित्सा विभाग के प्रमुख को लिखी गयी चिट्ठी में उन्होंने साफ़ चेतावनी दी थी कि यदि ऑक्सीजन के घटते स्टॉक के बारे में यदि कोई कदम नहीं उठाया गया तो इससे भारी मात्रा में जनहानि भी हो सकती है.

हालाँकि इस चिट्टी का विभाग पर कोई असर नहीं हुआ और अंततः वही हुआ जिसकी आशंका सबको थी.

सोशल मीडिया पर लोगों ने इस मुद्दे पर सरकार से सवाल पूछने शुरू कर दिए हैं. कफील अहमद पर कार्यवाही करने के बाद क्या योगी क्षेत्र के DM पर एक्शन लेंगे? या फिर बार बार चिट्ठी लिखे जाने के बावजूद मंत्रालय की उदासीनता के लिए स्वस्थ्य मंत्री का स्तीफा लेंगे?

हालाँकि योगी सरकार ने मामले के जांच के आदेश दे दिए हैं परन्तु जापानीज इंसेफेलाइटिस से मरने वाले बच्चों की संख्या बारिश के इस मौसम में बढ़ती ही जा रही है.