GST इफ़ेक्ट: बिस्किट और कन्फेक्शनरी की ऊँची दर के कारण पारले बेचेगी अब दालें

नई दिल्ली: बिस्किट और कन्फेक्शनरी की सबसे बड़ी भारतीय कम्पनी पारले अब दालें बेचने की तैयारी में है| 1 जुलाई से लागू होने वाले जीएसटी में बिस्किट और कन्फेक्शनरी की ज्यादा टैक्स की मार से बचने के लिए पारले ने अलग रास्ता निकाल लिया है| अब कम्पनी दाल का बिजनेस शुरू करने जा रही है, क्यूंकि जीएसटी में दाल को टैक्स की काफी नीची दर पर रखा गया है|

पारले कम्पनी फ्रेश हार्वेस्ट के नए ब्रांड नाम से बाजार में उतरेगी

पारले ने अपनी दालों को बेचने के लिए अपने ब्रांड का नाम फ्रेश हार्वेस्ट रखा है| यह ब्रांड अभी महाराष्ट्र में अपने 5000 रिटेल आउटलेट्स के जरिये गाँवों और शहरों में अपनी दाल बेच रहा है| कम्पनी का टारगेट एक साल में अपनी दालों को पुरे देश में बेचने का है| फ़िलहाल कम्पनी अरहर, मूंग, उड़द, चना और मसूर की दाल बेच रही है| कम्पनी केटेगरी हेड मयंक शाह ने फाइनेंशियल एक्सप्रेस को बताया आज हमारे देश में आटे से लेकर अचार तक सभी ब्रांडेड बिक रहा है| अभी इस क्षेत्र में बहुत कम कम्पनीज़ है| जिसका हमें फायदा मिलेगा|

पारले कम्पनी फ्रेश हार्वेस्ट के नए ब्रांड नाम से बाजार में उतरेगी

कम्पनी को सीधे कुछ बड़ी कंपनियों से टक्कर मिलेगी जिनमे पतंजलि, टाटा केमिकल्स और महिंद्रा एंड महिंद्रा शामिल है| फ़िलहाल यह सभी कंपनियां ऑर्गेनिक दाल का व्यापर कर रही है| पिछले कुछ समय में इनकी सेल में अच्छा-खासा चढाव देखने को मिला है| दालों के बाद कम्पनी बेसन और मैदा के कारोबार में भी उतरेगी|

कम्पनी अधिकारी ने बताया 1 जुलाई से जीएसटी लगने के बाद पारले-जी महंगा हो जायेगा| शाह ने बताया जीएसटी लागू होने के बाद देश भर में पारले-जी के दामों में 5-7 फीसदी की बढ़ोतरी आएगी|