जीएसटी की मुनाफ़ाख़ोरी रोकने के लिए सरकार का सख़्त क़दम

Advertisement

दिल्ली. जीएसटी को पूरे देश में सही तरीक़े से लागू करने और उसकी जटिलता को कम करने के लिए मोदी सरकार ने अब सख़्त तेवर दिखाए हैं. केंद्र ने जीएसटी ‘राष्ट्रीय मुनाफाखोरी विरोधी प्राधिकरण’ (नेशनल एंटी प्रोफिटीयरिंग अथॉरिटी) के गठन को मंजूरी दी है.

जीएसटी की दरें घटने के बावजूद अगर किसी वस्तु या सेवा के दाम कम नहीं होते हैं तो यह अथॉरिटी कार्रवाई करेगा. दो सौ से अधिक वस्तुओं और सेवाओं पर जीएसटी की दरें घटाकर राहत की सौगात देने के बाद मोदी सरकार यह सुनिश्चित करने में जुट गयी है कि इसका लाभ आम लोगों तक पहुंचे.

Advertisement

पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में गुरुवार को केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में ‘राष्ट्रीय मुनाफाखोरी विरोधी प्राधिकरण’ के गठन का फैसला लिया गया. इस प्राधिकरण की स्थापना इसलिए की जा रही है ताकि जीएसटी की दरों में कटौती का फायदा कम हुई कीमतों के रूप में ग्राहकों को मिले.

Advertisement

जीएसटी काउंसिल के सदस्य और बिहार के डिप्टी सीएम सुशील मोदी के अनुसार सरकार जीएसटी में चार के बजाए सिर्फ दो टैक्स स्लैब करने पर विचार कर रही है.जीएसटी में रेट से जुड़ा मुद्दा खत्म हो गया है.

Advertisement
youtube shorts kya hai

आने वाले दिनों में जीएसटी काउंसिल विचार करेगी कि क्या स्लैब को कम किया जा सकता है. तुरंत ये कहना मुश्किल है लेकिन आने वाले समय में काउंसिल इस पर विचार जरूर करेगी.

जीएसटी के तहत नेशनल एंटी प्रोफिटीयरिंग अथॉरिटी को बनाने की मंजूरी के बाद दालों के निर्यात पर लगाई गई सभी तरह की रोक हट जाएगी.

Advertisement

एकीकृत बाल विकास सेवाओं को 30 नवंबर 2018 तक के लिए बढ़ा दिया है, जिनमें आंगनवाड़ी और अन्य सेवाएं भी शामिल हैं.

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मिडिल इनकम ग्रुप के लोगों के लिए खास घोषणा की गई. इसमें क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी स्कीम के तहत जो लोग इंट्रेस्ट सब्सिडी के लिए एलिजिबल हैं, उनके लिए हाउसिंग कारपेट एरिया को बढ़ाया गया.

Advertisement