गुजरात में भाजपा की स्थिति डांवाडोल, कांग्रेस ने की आयोग से चुनाव घोषणा की मांग

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नई दिल्ली.गुजरात विधानसभा चुनाव में हो रही देरी को लेकर सबसे ज़्यादा कांग्रेस परेशान है. कांग्रेस की मांग हैं कि चुनाव आयोग को तुरंत गुजरात विधानसभा चुनाव की घोषणा कर देनी चाहिए.

कांग्रेस नेता मनीष तिवारी के अनुसार जिस तरह से घटनाक्रम हो रहे हैं उससे यह स्पष्ट है कि भाजपा की स्थिति डांवाडोल है तथा वे चुनाव से भाग रही है.

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मनीष तिवारी के अनुसार चुनाव को टालने की यथा संभव कोशिशें की जा रही हैं ताकि प्रधानमंत्री कम समय में अधिक से अधिक घोषणाएं कर सकें. ऐसी स्थिति में चुनाव आयोग इस प्रक्रिया में एक पक्ष बन रहा है.

कांग्रेस पार्टी के अनुसार चुनाव आयोग को विधानसभा चुनाव से भाजपा के बचने के प्रयासों में पक्ष नहीं बनना चाहिए. कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि भाजपा गुजरात विधानसभा चुनाव में विलंब करवाने का प्रयास कर रही है.प्रधानमंत्री द्वारा की जा रही घोषणाओं के साथ साथ राज्य के लोगों को अंतिम समय में लुभाने का प्रयास भी किया जा रहा है.

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कांग्रेस पर संवैधानिक संस्था की आलोचना करने के आरोप भी लगे हैं.जिसके जवाब में कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता पी चिदंबरम ने ट्वीट क्हाकर कहा कि यदि चुनाव आयोग से सवाल नहीं करेंगे तो क्या करें ?

क्या नागरिक चुनाव आयोग से सवाल नहीं कर सकते? तो कृपया हमें बताइए कि किससे बात कर सकते हैं. और नागरिकों को क्या करना चाहिए,? चुनाव आयोग से विनती करनी चाहिए.

मनीष तिवारी के अनुसार भाजपा भली भांति जानती हैकि सरकार का दुबारा फिर से सत्ता में आना मुश्किल है और बीजेपी हताश है. भाजपा के धन और बल सहित सभी उपाय फेल हो चुके हैं.

गुजरात को किसी भी तरह से बचाए रखने के लिए प्रधानमंत्री ने एक तरह से राजधानी को दिल्ली से बदलकर गांधीनगर कर दिया है.

अपने खिलाफ आरोपों पर चुनाव आयोग द्वारा दिए गए स्पष्टीकरण पर तिवारी ने कहा कि उन्होंने जो कुछ भी कहा है, वह कोई बहुत विशेष बात नहीं है. सवाल ये उठता हैं की चुनाव आयोग ने हिमाचल और गुजरात के चुनावों की तारीख की घोषणा एक साथ क्यों नहीं की.

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