हमारे हरि-हारिल की लकरी में कौनसा अलंकार है?

हमारे हरि-हारिल की लकरी में कौनसा अलंकार है?

हमारे हरि-हारिल की लकरी में कौनसा अलंकार है? उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिये।

हमारे हरि-हारिल की लकरी में रूपक अलंकार है। प्रस्तुत पंक्ति में सूरदास यह कह रहें है कि हमारे प्रभु हारिल की लकड़ी का रूप है।इसमे हारिल की लकड़ी और प्रभु में अभेद होने के कारण रुपक अलंकार है।

दूसरे शब्दों में कहा जा सकता है कि इसमे उपमेय हारिल की लकड़ी पर उपमान प्रभु को आरोपित किया गया है।

इस उदाहरण में जहां जहां पर उपमेय और उपमान आए हैं, वो हमने विद्यार्थियों की सहायता के लिए नीचे लिख दिये हैं:-

उपमेय- उपमान

हारिल की लकड़ी – प्रभु

जहां किन्हीं दो व्यक्ति या वस्तुओं में इतनी समानता हो कि दोनों में अंतर करना मुश्किल हो जाए वहां रूपक अलंकार होता है।

अथवा जहां उपमेय उपमान का रूप धारण कर ले वहां रूपक अलंकार होता है। रूपक अलंकार अर्थालंकार का एक प्रकार है।

हमारे हरि-हारिल की लकरी में रूपक अलंकार से संबन्धित प्रश्न परीक्षा में कई प्रकार से पूछे जाते हैं। जैसे कि – यहाँ पर कौन सा अलंकार है? दी गई पंक्तियों में कौन सा अलंकार है? दिया गया पद्यान्श कौन से अलंकार का उदाहरण है? पद्यांश की पंक्ति में कौन-कौन सा अलंकार है, आदि।

हमारे हरि-हारिल की लकरी पंक्तियों में रूपक अलंकार के अलावा और कौन सा अलंकार उपस्थित है?

हरी हारिल की लकड़ी में अनुप्रास अलंकार की उपस्थिति।

Important Alankar in Hindi अलंकार के उदाहरण एवं हिन्दी अलंकार पर प्रश्न जो परीक्षा में पूछे जा सकते हैं।

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