अपने निर्दयी फैसले और तानासाह रवैये के कारण पहचाने जाने वाले एडल्फ़ हिटलर के निजी टेलीफोन का बीते दिनों अमेरिका में हुए एक नीलामी में बोली लगी है. इस नीलामी का आयोजन ‘अलेक्जेंडर हिस्टोरिकल ऑक्शन’ ने किया था. कहा जा रहा है कि द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान हिटलर ने अपने सख्त फरमान सुनाने के लिए इसी टेलीफोन का इस्तेमाल किया था.

काले रंग का ये टेलीफोन बैकेलइट का बना हुआ है. संग्रहित करने के बाद इस फोन को लाल रंग से रंग दिया गया था. साथ ही इस पर हिटलर लिख दिया गया था. इस टेलीफोन को हिटलर की मौत के बाद सन् 1945 में एक बंकर से बरमाद किया गया था. कहा जाता है कि हिटलर उसी बंकर से युद्ध का नतृत्व करते हुए अपने फरमान सुनाया करते थें.

हिटलर का ये निजी टेलीफोन नीलामी के दौरान 2,43,000 डॉलर में बिका है. हालाँकि नीलामी के दौरान इस टेलीफोन को खरीदने वाले शख्स का नाम अभी उजागर नहीं किया गया है. नीलामी में इस टेलीफोन की कीमत 2 लाख से 3 लाख डॉलर के बीच रहने का अनुमान लगाया गया था. नीलामी में इसकी शुरुआती बोली 1 लाख डॉलर रखी गई थी. ‘अलेक्जेंडर हिस्टोरिकल ऑक्शन’ ने इस फोन के अलावा करीब हजारों चीजों की नीलामी की है. नीलामी के दौरान इस टेलीफोन के अलावा चीनी मिट्टी से बने अल्सेशियन कुत्ते का एक शिल्प भी काफी चर्चे में रहा. यह शिल्प 24,300 डॉलर में नीलाम हुवा है. ख़बरों के मुताबिक इन दोनों वस्तुओं को खरीदने वालों ने इनकी बोली फोन लाईन के जरिये लगाई है.

हिटलर के मौत के बारे में आमतौर पर यही मान जाता है कि उनकी मौत द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान तब हुई थी जब रूसियों ने बर्लिन पर आक्रमण कर दिया था. इस दौरान हिटलर ने 30 अप्रैल, 1945 को आत्महत्या कर ली थी. लेकिन एक नाज़ी पत्रकार के मुताबिक हिटकर की मौत 95 साल की उम्र में ब्राज़ील में हुई थी. पत्रकार के मुताबिक जब बर्लिन पर हमला हुवा तो हिटलर अपने शत्रुओं से बचते हुए अर्जंटीना के रास्ते पैराग्वे आ गए और इस बीच उन्होंने ब्राज़ील में कुछ समय एक अनजान जगह पर बिताया. जहाँ 95 साल की उम्र में उनकी सामान्य मौत हुई थी.

हिंदी वार्ता से जुडें फेसबुक पर-अभी लाइक करें

 
Mritunjay
राष्ट्रीय राजनीति में विशेष रुझान रखते हैं. कभी कभार अन्य मुद्दों पर भी अपनी राय बेबाक तरीके से रखते हैं ! विशेष जानने के लिए इनसे फेसबुक के माध्यम से जुड़ सकते हैं! हिन्दीवार्ता पर इनके रोचक लेखों को पढ़िए और दिल खोल कर शेयर कीजिये.