भ्रष्टाचार के मामले में भारत एशिया में नंबर 1, पाकिस्तान 5वें स्थान पर

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भारतीय जनता पार्टी के नरेंद्र मोदी सरकार का एक सपना भ्रष्टाचार मुक्त भारत का निर्माण करना था परन्तु ऐसा लगता है कि उनका यह सपना आने वाले दिनों में मुश्किल ही होता जा रहा है.

हकीकत को देखने पर एक बेहद डरावनी तस्वीर सामने आती है. ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल (एक वैश्विक सिविल सोसाइटी आर्गेनाईजेशन) के सर्वे में यह सामने आया है कि भारत ने भ्रष्टाचार के मामले में एशिया में सभी देशों को पीछे छोड़ चूका है. एशिया के 16 देशों में हुए सर्वे में भारत नंबर 1 पर बना हुआ है जहाँ भ्रष्टाचार के गंभीर आंकड़े देखने को मिले.

हर 10 में से 7 भारतीय का कहना है कि बाबुओं को बिना पैसा खिलाए आज भी कोई सरकारी काम कराना मुश्किल है. वहीँ एशिया का जापान सबसे कम भ्रष्ट देश है जहाँ 1000 में से सिर्फ 2 लोगों ने देश में भ्रष्टाचार की बात कही.

corruption in india

16 एशियाई देशों में हुए सर्वे में यह बात सामने आयी है कि हर 4 में से 1 नागरिक को सरकारी सेवा का प्रयोग करने के लिए भी घूस देना पड़ा है. ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल ने इस सर्वे कि विस्तृत रिपोर्ट छापी है जिसका शीर्षक है “पीपल एंड करप्शन-एशिया पैसिफिक”
इस सर्वे में पूरे एशिया भर से 22000 से अधिक लोगों ने भाग लिया तथा भ्रष्टाचार पर अपने अनुभवों को साझा किया.

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लोग फिर भी मानते हैं कि सरकार अच्छा काम कर रही है

सर्वे में रोचक बात सामने आयी है. जहां तीन चौथाई लोगों ने यह माना कि पिछले 3 सालों में भ्रष्टाचार में बढोत्तरी हुई है परन्तु जब लोगों से यह पुछा गया कि उनकी सरकार सार्वजानिक सेवाओं में भ्रष्टाचार को दूर करने के लिए कैसा काम कर रही है, तब लोगों के जवाब चौंकाने वाले थे.

corruption

भारत,श्रीलंका, थाईलैंड तथा इंडोनेशिया के आधे से अधिक लोगों का यह मानना है कि उनकी सरकार भ्रष्टाचार मिटाने को ले कर अब भी तत्पर है तथा अच्छा काम कर रही है. भारत में 53% लोग अब भी मानते हैं कि नरेंद्र मोदी की सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ अच्छा काम कर रही है.

18 महीने तक चले इस सर्वे में एशिया के 40 प्रतिशत लोगों ने यह माना कि उनके देश की पुलिस भ्रष्ट है, वहीँ 33 प्रतिशत लोगों ने यह स्वीकार किया कि उन्होंने काम निकालने के लिए पुलिस को पैसे खिलाये.

बात पुलिसिया (न्याय-व्यवस्था) भ्रष्टाचार की करें तो इस मामले में पाकिस्तान सबसे आगे है जहाँ रिश्वतखोरी की दर 70 प्रतिशत है, वहीँ भारत में यह 54 प्रतिशत है हालाँकि चीन इस मामले में काफी बेहतर स्थिति में है जहाँ यह सिर्फ 12 प्रतिशत है.

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भारत के सरकारी स्कूलों की व्यवस्था सर्वाधिक भ्रष्ट है जहां रिश्वतखोरी की दर 58 प्रतिशत है वहीँ पाकिस्तान में यह सिर्फ 9 प्रतिशत है और चीन में 29 प्रतिशत.

कमोबेश वही हाल भारत के सरकारी अस्पतालों का है जहां 100 में से 59 लोगों ने माना कि उन्हें सरकारी अस्पतालों में किसी ने किसी तरीके से घूस देना पड़ा. पाकिस्तान और चीन में स्थिति काफी बेहतर है वहां अस्पतालों में रिश्वतखोरी की दर क्रमशः 11% तथा 18% है.

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एशिया के 5 सर्वाधिक भ्रष्ट देश 

ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल ने अपने सर्वे में बेसिक सरकारी सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए सार्वजानिक सेवाओं में भ्रष्टाचार का आकलन किया है. यह रिपोर्ट मार्च 2017 में प्रकाशित हुई थी. एशिया के पांच सर्वाधिक भ्रष्ट देशों की सूची में भारत नंबर 1 पर है.

  1. भारत (रिश्वतखोरी दर- 69%)
  2. वियतनाम (रिश्वतखोरी दर- 65%)
  3. थाईलैंड (रिश्वतखोरी दर- 41%)
  4. म्यांमार (रिश्वतखोरी दर- 40%)
  5. पाकिस्तान (रिश्वतखोरी दर- 40%)

सरकार के तमाम प्रयासों के बावजूद सरकारी तंत्र  के निचले स्तर पर भ्रष्टाचार की समस्या आज भी गंभीर बनी हुई है. जिसपर जल्द से जल्द ठोस कार्यवाही की आवशयकता है .

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