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ईश्वरभक्ति में कौन सा समास है? ईश्वरभक्ति का समास-विग्रह क्या है?

Ishwarbhakti mein kaun sa samas hai? Ishwarbhakti ka samas-vigrah kya hota hai?

ईश्वरभक्ति में कौन सा समास है?

तत्पुरुष समास – ईश्वरभक्ति शब्द में तत्पुरुष समास है।
ईश्वरभक्ति में समास का उपभेद सप्तमी तत्पुरुष (अधिकरण तत्पुरुष ) समास है
Ishwarbhakti mein kaun sa Samas hota hai?
Tatpurush Samas – Ishwarbhakti shabd mein Tatpurush Samas hai.

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ईश्वरभक्ति का समास-विग्रह क्या है? Ishwarbhakti ka Samas-Vigrah kya hai?

ईश्वरभक्ति शब्द का समास-विग्रह निम्नानुसार होगा :

समास (समस्त पद) समास-विग्रह
ईश्वरभक्ति : ईश्वर में भक्ति
Ishwarbhakti : Ishwar mein bhakti

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क्योंकि ईश्वरभक्ति में तत्पुरुष समास है इसलिए हमने विद्यार्थियों की सहायता के लिए तत्पुरुष समास की परिभाषा, भेद और उदाहरण को यहाँ पर संक्षेप में समझाया है। अगर विद्यार्थी तत्पुरुष समास को विस्तार से पढ़ना चाहें तो नीचे दिये गए लिंक (तत्पुरुष समास की परिभाषा – ) पर जा कर पढ़ सकते हैं।

तत्पुरुष समास की परिभाषा –

तत्पुरूष समास ‌– [ सूत्र-प्रायेण उत्तरपदार्थ प्रधानस्तत्पुरूष: ]-जिस समास में उत्तर पद के अर्थ की प्रधानता हो तथा पूर्व पद में द्वितीया से सप्तमी विभक्ति तक का लोप हो , उसे तत्पुरूष समास कहते है।

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तत्पुरुष समास के उदाहरण –

सप्तमी तत्पुरुष (अधिकरण तत्पुरुष ) समास के उदाहरण नीचे दिये गए हैं। विद्यार्थियों को इनका लिख लिख कर अभ्यास करना चाहिए।

समास (समस्त पद) – समास-विग्रह
रणधीर – रण में धीर
सिरदर्द – सिर में दर्द
फलासक्त – फल में आसक्त
सिंहासनारूढ़ – सिंहासन पर आरूढ़
क्षणभंगुर – क्षण में भंगुर
दानवीर – दान देने में वीर
आनन्दमग्न – आनन्द में मग्न
शास्त्रनिपुण – शास्त्र में निपुण
पुरुषोत्तम – पुरुषों में उत्तम
क्षणभंगुर – क्षण में भंगुर

समास की परिभाषा :

समास का तात्पर्य होता है-‘संक्षिप्तीकरण’ और इसका शाब्दिक अर्थ होता है छोटा रूप। अथार्त जब दो या दो से अधिक शब्दों से मिलकर जो नया और छोटा शब्द बनता है उस शब्द को समास (Samas) कहते हैं। समास रचना में दो पद होते हैं। प्रथम पद को ‘पूर्वपद ‘ कहा जाता है और द्वितीय पद को ‘उत्तरपद ‘ कहा जाता है। इन दोनों से जो नया शब्द बनता है वो”समस्त पद” या” सामासिक शब्द” कहलाता है।

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समास-विग्रह क्या होता है?

जब समस्त पद के सभी पद अलग-अलग किये जाते हैं उसे समास-विग्रह (Samas Vigrah) कहते हैं। समास-विग्रह सामासिक पद के शब्दों के मध्य संबंध को स्पष्ट करने के लिए किया जाता है।

परीक्षा में ईश्वरभक्ति समस्त पद को लेकर कई प्रकार से प्रश्न पूछा जा सकता है जैसे कि ईश्वरभक्ति में कौन सा समास है? ईश्वरभक्ति शब्द में कौन सा समास होगा? ईश्वरभक्ति में कौन सा समास होता है? ईश्वरभक्ति में कौन सा समास है बताइये ईश्वरभक्ति का समास विग्रह बताइए ईश्वरभक्ति का समास विग्रह क्या है? ईश्वरभक्ति का समास विग्रह क्या होगा? आदि।

समास – परिभाषा, भेद, उदाहरण, समास-विग्रह

समास अभ्यास प्रश्न (Samas Worksheet)

अधमरा में कौन सा समास है
त्रिलोकी में कौन सा समास है
भूखंड में कौन सा समास है
सप्तऋषि में कौन सा समास है
त्रिलोक में कौन सा समास है
महासागर में कौन सा समास है
पंकज में कौन सा समास है
महादेव में कौन सा समास है
देवासुर का समास विग्रह कीजिए
शुभागमन का समास विग्रह
जितेन्द्रिय का समास विग्रह
गुणयुक्त का समास विग्रह
ध्यानमग्न का समास विग्रह
धर्माधर्म का समास विग्रह
प्रतिदिन का समास विग्रह संस्कृत में
दशानन का समास विग्रह

25 Important परीक्षा में पूछे जाने वाले सामासिक शब्द के उदाहरण:

सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में समास संबंधी प्रश्न पूछे जाते हैं जिनमें मार्क्स लाना आसान होता है किन्तु सही जानकारी और अभ्यास के अभाव में अक्सर विद्यार्थी समास के प्रश्न में अंक लाने में कठिनाई अनुभव करते हैं। हमने प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे जाने वाले समास के उदाहरण और समास-विग्रह के महत्वपूर्ण सामासिक पदों का संकलन किया है जिनका अभ्यास करके आप पूर्ण अंक प्राप्त कर सकते हैं।

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