ईश्वरप्रदत्त में कौन सा समास है? ईश्वरप्रदत्त का समास-विग्रह क्या है?

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Ishwarpradatt mein kaun sa samas hai? Ishwarpradatt ka samas-vigrah kya hota hai?

ईश्वरप्रदत्त में कौन सा समास है?

तत्पुरुष समास – ईश्वरप्रदत्त शब्द में तत्पुरुष समास है।
ईश्वरप्रदत्त में समास का उपभेद तृतीया तत्पुरूष ( करण तत्पुरूष ) समास है
Ishwarpradatt mein kaun sa Samas hota hai?
Tatpurush Samas – Ishwarpradatt shabd mein Tatpurush Samas hai.

ईश्वरप्रदत्त का समास-विग्रह क्या है? Ishwarpradatt ka Samas-Vigrah kya hai?

ईश्वरप्रदत्त शब्द का समास-विग्रह निम्नानुसार होगा :

समास (समस्त पद) समास-विग्रह
ईश्वरप्रदत्त : ईश्वर द्वारा प्रदत्त
Ishwarpradatt : Ishwar dauara pradatt

क्योंकि ईश्वरप्रदत्त में तत्पुरुष समास है इसलिए हमने विद्यार्थियों की सहायता के लिए तत्पुरुष समास की परिभाषा, भेद और उदाहरण को यहाँ पर संक्षेप में समझाया है। अगर विद्यार्थी तत्पुरुष समास को विस्तार से पढ़ना चाहें तो नीचे दिये गए लिंक (तत्पुरुष समास की परिभाषा – ) पर जा कर पढ़ सकते हैं।

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तत्पुरुष समास की परिभाषा –

तत्पुरूष समास ‌– [ सूत्र-प्रायेण उत्तरपदार्थ प्रधानस्तत्पुरूष: ]-जिस समास में उत्तर पद के अर्थ की प्रधानता हो तथा पूर्व पद में द्वितीया से सप्तमी विभक्ति तक का लोप हो , उसे तत्पुरूष समास कहते है।

तत्पुरुष समास के उदाहरण –

तृतीया तत्पुरूष ( करण तत्पुरूष ) समास के उदाहरण नीचे दिये गए हैं। विद्यार्थियों को इनका लिख लिख कर अभ्यास करना चाहिए।

समास (समस्त पद) – समास-विग्रह
पददलित – पद से दलित
मदमत्त – मद से मत्त हुआ
नेत्रहीन – नेत्रों से हीन।
मदान्ध – मद से अन्धा
अश्रुपूर्ण – अश्रु से पूर्ण
अंधकार युक्त – अंधकार से युक्त
जलाभिषेक – जल से अभिषेक
धनहीन – धन से हीन
रक्तरंजित – रक्त से रंजित
रोगातुर – रोग से आतुर

समास की परिभाषा :

समास का तात्पर्य होता है-‘संक्षिप्तीकरण’ और इसका शाब्दिक अर्थ होता है छोटा रूप। अथार्त जब दो या दो से अधिक शब्दों से मिलकर जो नया और छोटा शब्द बनता है उस शब्द को समास (Samas) कहते हैं। समास रचना में दो पद होते हैं। प्रथम पद को ‘पूर्वपद ‘ कहा जाता है और द्वितीय पद को ‘उत्तरपद ‘ कहा जाता है। इन दोनों से जो नया शब्द बनता है वो”समस्त पद” या” सामासिक शब्द” कहलाता है।

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समास-विग्रह क्या होता है?

जब समस्त पद के सभी पद अलग-अलग किये जाते हैं उसे समास-विग्रह (Samas Vigrah) कहते हैं। समास-विग्रह सामासिक पद के शब्दों के मध्य संबंध को स्पष्ट करने के लिए किया जाता है।

परीक्षा में ईश्वरप्रदत्त समस्त पद को लेकर कई प्रकार से प्रश्न पूछा जा सकता है जैसे कि ईश्वरप्रदत्त में कौन सा समास है? ईश्वरप्रदत्त शब्द में कौन सा समास होगा? ईश्वरप्रदत्त में कौन सा समास होता है? ईश्वरप्रदत्त में कौन सा समास है बताइये ईश्वरप्रदत्त का समास विग्रह बताइए ईश्वरप्रदत्त का समास विग्रह क्या है? ईश्वरप्रदत्त का समास विग्रह क्या होगा? आदि।

समास – परिभाषा, भेद, उदाहरण, समास-विग्रह

समास अभ्यास प्रश्न (Samas Worksheet)

घुड़सवार में कौन सा समास है
अधमरा में कौन सा समास है
त्रिलोक में कौन सा समास है
त्रिलोकी में कौन सा समास है
सप्तऋषि में कौन सा समास है
विद्यालय शब्द में कौन सा समास है
साफ साफ में समास है
ध्यानमग्न का समास विग्रह
ध्यानमग्न का समास विग्रह
अधमरा में कौन सा समास है
दीर्घायु में कौन सा समास है
धर्मा धर्म समास है
सप्तऋषि में कौन सा समास है
विद्यालय शब्द में कौन सा समास है
त्रिलोक में कौन सा समास है
निर्विवाद में समास है

25 Important परीक्षा में पूछे जाने वाले सामासिक शब्द के उदाहरण:

सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में समास संबंधी प्रश्न पूछे जाते हैं जिनमें मार्क्स लाना आसान होता है किन्तु सही जानकारी और अभ्यास के अभाव में अक्सर विद्यार्थी समास के प्रश्न में अंक लाने में कठिनाई अनुभव करते हैं। हमने प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे जाने वाले समास के उदाहरण और समास-विग्रह के महत्वपूर्ण सामासिक पदों का संकलन किया है जिनका अभ्यास करके आप पूर्ण अंक प्राप्त कर सकते हैं।

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