Samvad Lekhan जन्मदिन मनाने से सम्बंधित दो मित्रों में बातचीत-संवाद लेखन

Janamdin manane se sambandhit do mitaron mein baatcheet – Samvad Lekhan

अंकुर : कल तो तुम्हारा जन्मदिन है ना रौनक ।

रौनक : हाँ ।

अंकुर : तो क्या सोचा है तुमने? कैसे मनाओगे अपना जन्मदिन ?

रौनक : हमेशा तो घर पर ही मैं अपना जन्मदिन मनाता हूँ। पर सोच रहा हूँ इस बार कुछ अलग करूँ।

अंकुर : अलग, मतलब कैसे ?

रौनक : विद्यालय जाते समय रास्ते में मुझे कई गरीब बच्चे दिखाई देते हैं, जो शायद ही भरपेट खाना खा पाते हों। सोच रहा हूँ कि शाम को उनको कुछ खाने-पीने की चीजें बाँट आऊँ ।

अंकुर : इस नेकी में तुम अपने दोस्त को मत भूल जाना । पार्टी तो मैं तुमसे जरूर लूँगा ।

रौनक : यह भी कोई बोलनी वाली बात है ! बताओ कया खाओगे ?

अंकुर : इस नेक काम में प्रत्येक वर्ष के जन्मदिन की तरह इस बार तुम्हारी माता जी के हाथ के गरमा-गरम पकोड़े और गुलाब जामुन खाने से मैं रह जाऊंगा।

रौनक : उसकी तुम चिंता मत करो । गरीब बच्चों को खिलाने के बाद हम घर चल कर पकोड़े और गुलाब जामुन का भी आनंद लेंगे। मैं आज ही माँ को तैयारी करने के लिए कह दूँगा । वैसे भी माँ तुम्हे याद कर रहीं थीं ।

अंकुर : अरे वाह ! यह तो सोने पर सुहागा हो गया । अब तो दोनों तरीके से तुम्हारा जन्मदिन मनाया जायेगा ।

यह संवाद लेखन विद्यार्थियों के लिए निम्न विषयों पर उपयोगी होगा – Samvad Lekhan, samvad lekhan meaning, samvad lekhan in hindi for class 8, samvad lekhan meaning in english, samvad lekhan in hindi for class 7, samvad lekhan format class 9, samvad lekhan marathi, shunya kachra samvad lekhan, 5 samvad lekhan, samvad lekhan in hindi for class 6, samvad lekhan in hindi for class 5, samvad lekhan in hindi for class 10

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *