जन्मदिन पर क्या और क्यों नहीं करना चाहिए?

Janmdin par kya nahin karna chahiye?

लोग जन्म दिवस मनाते हैं। जन्म दिवस मनाने से सावधानी रहती है, कितने वर्ष बीत गए। हम यह शुभ कामना करते हैं कि आने वाला हमारा साल अच्छा हो नेक कर्मों में जाए और हम प्रकाशमय जीवन जीएँ। जन्मदिन पर पश्चिम की नकल करके केक बासी खुराक बनता है, उसमें मोमबत्ती जलाकर फूँक मारते हैं, फूँक मारने से हजारों नहीं लाखों जीवाणु केक मे पड़ते हैं। भारतीय संस्कार व हिन्दू धर्म की यह परंपरा है कि उजाले में दीया जलाकर कोई भी शुभ काम किया जाता है, पर वहाँ दीया बुझाकर केक काटा जाता है।
जन्म दिन मनाओ कोई मना नहीं है। कैसे मनाएँ, फर्ज करो कि आपके चालीस साल हो गये और इकतालीसवाँ शुरू होगा। आपका पाँच तत्वों का शरीर है। चावल को पाँच रंगों से रंग डालें। सफेद तो है ही बाकी चार रंग आसमानी, लाल, गुलाबी, पीला, इसका स्वास्तिक बनाओ। उस पर चालीस छोटे छोटे दिए रखो। इकतालीसवाँ दीया बड़ा रखो। आपके कुटुम्बी व मित्र एक एक दो दिए जलाते जाएँ। फिर कुटुम्ब का बड़ा जो पवित्र आत्मा हो वह बड़ा दीया जलाएँ। फिर सब मिल कर कहें कि ‘आपके जीवन में चालीस साल तक जो प्रकाश या इकतालीसवें साल में विशेष ज्ञान, विशेष सुख, विशेष प्रकाश और विशेष प्रभु कृपा लेकर आये।’ इस प्रकार कीर्तन करोः
आपके लिए पृथ्वी सुखदायी हो जन्मदिन की बधाई हो।
आपके लिए जल सुखदायी हो जन्मदिन की बधाई हो।
आपके लिए अग्नि सुखदायी हो जन्मदिन की बधाई हो।
आपके लिए वायु सुखदायी हो जन्मदिन की बधाई हो।
आपके लिए आकाश सुखदायी हो जन्मदिन की बधाई हो।
आपके लिए देवता सुखदायी हो जन्मदिन की बधाई हो।
आपके लिए कुटुम्बी सुखदायी हो जन्मदिन की बधाई हो।
आपके लिए पड़ोसी सुखदायी हो जन्मदिन की बधाई हो।
आपके लिए गुरू सुखदायी हो जन्मदिन की बधाई हो।
बधाई हो! बधाई हो!
जन्मदिन हर व्यक्ति के जीवन का बहुत ही विशेष दिन होता है। इसीलिए सभी लोग चाहे वो आम हो या खास अपने बर्थ डे को विशेष तरह से मनाना पसंद करते हैं। कुछ लोग इस दिन अपने घर में कोई धार्मिक अनुष्ठान करना पसंद करते हैं तो कुछ अपने दोस्तों व रिश्तेदारों के साथ पार्टी करना पसंद करते हैं। जन्मदिन चाहे कैसे भी मनाएं, मतलब सिर्फ अपनी खुशियों और खास लम्हों को अपनों के साथ बांटने से है या कहें सेलीब्रेशन से है। व्यक्ति को जन्मदिन पर आत्म विश्लेषण करना चाहिए कि विगत वर्षों में मैंने क्या खोया क्या पाया? भविष्य की रूपरेखा का भी चिन्तन मनन करना चाहिए, तभी जन्मदिन मनाना सार्थक होगा।