Khane ke pahle roti ka pahla nivala alag kyon nikalna chahiye?

हमारे यहां भोजन से पहले भोजन मंत्र बोलने के बाद आचमन किया जाता है। उसके बाद हमारे शास्त्रों के अनुसार अपने भोजन से ग्रास के रूप में अलग किया जाता है (Roti ka pahla nivala)। इस निवाले को गाय को ही खिलाया जाता है। पहले निवाले को गौ ग्रास कहा जाता है।

Roti ka pahla nivala Cow ke liyeदरअसल, माना जाता है कि पहला निवाला अलग निकालकर गाय को देने से पितृ दोष कम होता है साथ ही इसे गौसेवा को धर्म के साथ ही जोड़ा गया है। गाय को माता बताया गया है। ऐसा माना जाता है कि गाय में हमारे सभी देवी देवता निवास करते हैं। इसीलिए घर में भोजन बनाते समय ‘पहली रोटी गाय की’ का विधान है।

इसी वजह से मात्र गाय की सेवा से ही भगवान प्रसन्न हो जाते हैं। भगवान श्री कृष्ण के साथ ही गौमाता की पूजा की जाती है। भागव्रत में श्री कृष्ण ने भी इंद्र पूजा बंद करवाकर गौमाता की पूजा प्रारंभ करवाई है। इसी बात से स्पष्ट होता है कि गाय की सेवा कितना पुण्य अर्जित करवाती है। साथ ही ज्योतिषीय मान्यता है कि ऐसा करने से घर में हमेशा सुख समृद्धि बनी रहती है।

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Ritu
ऋतू वीर साहित्य और धर्म आदि विषयों पर लिखना पसंद करती हैं. विशेषकर बच्चों के लिए कविता, कहानी और निबंध आदि का लेखन और संग्रह इनकी हॉबी है. आप ऋतू वीर से उनकी फेसबुक प्रोफाइल पर संपर्क कर सकते हैं.