किन सात तिथियों में नहीं करना चाहिए शुभ काम?

Kin sat tithiyon mein shubh kam nahin karna chahiye?

किसी भी शुभ कार्य को प्रारंभ करने से पहले शुभ मुहुत्र्त या विशेष ग्रह स्थिति देखी जाती है। शास्त्रों और ज्योतिष के अनुसार कुछ ऐसी तिथियां बताई गई हैं जो कुछ विशेष परिस्थितियों में अशुभ फल देती हैं। अतः इन तिथियों पर कोई भी नए कार्य का प्रारंभ नहीं करना चाहिए।
यदि आप किसी शुभ कार्य का आरंभ करने जा रहे हैं तो ध्यान रखें कि उस दिन यह तिथि और वार न हो। शास्त्रों के अनुसार किसी भी माह की द्वादशी, एकादशी, दशमी, तृतिया, षष्ठी, द्वितीया और सप्तमी यदि क्रमशः: रविवार, सोमवार, मंगलवार, बुधवार, बृहस्पतिवार, शुक्रवार और शनिवार को आ रही हो तो उस तिथि में शुभ कार्य प्रारंभ न करें। इन वारों पर यह तिथियां अशुभ फल देेने वाली बताई गई हैं। इन दिनों में कार्य प्रारंभ करने पर वह कार्य बिगड़ने की संभावनाएं रहती हैं और इन योगों को कुयोग समझा जाता है। अतः इन तिथियों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। यदि इन योगों के कोई कार्य प्रारंभ करना आवश्यक हो तो भगवान से प्रार्थना कर ही प्रारंभ करें। इस हेतु विधि विधान से संबंधित पूजा कराई जानी चाहिए। इन तिथियों के स्वामी देवताओं को पूजन करके ही कार्य शुरू करें।