जयपुर : राजस्थान में पहली बार किसी किन्नर को पुलिस महकमे में नौकरी दी गई है. 2013 में 12 हजार पदों के लिए पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा हुई थी जिसमें गंगा कुमारी का भी चयन हुआ. लेकिन जब अभ्यर्थियों का मेडिकल कराया गया जिसमें गंगा के किन्नर होने की बात सामने आयी.

इसके बाद किन्नर को पुलिस अधिकारी की नियुक्ति देने से इंकार कर दिया गया था लेकिन गंगा कुमारी ने हार नहीं मानी. राजस्थान हाईकोर्ट ने प्रदेश के जालौर जिले की किन्नर गंगा कुमारी की याचिका पर सुनवाई की और पुलिस विभाग को उसे नियुक्ति पत्र देने का आदेश दिया.

जस्टिस दिनेश मेहता की कोर्ट में सोमवार को मामले की सुनवाई हुई. कोर्ट ने गंगा कुमारी की याचिका पर सुनवाई करते हुए छह सप्ताह में नियुक्ति पत्र देने को कहा है.

वर्ष 2013 में 12 हजार पदों के लिए कांस्टेबल भर्ती परीक्षा हुई थी। परीक्षा में प्रदेश के सभी जिलों में 1.25 लाख अभ्यार्थियों ने हिस्सा लिया था.

इसमें से पुलिस ने 11 हजार 400 अभ्यार्थियों का कांस्टेबल पद के लिए चयन कर लिया था. इसमें रानीवाड़ा तहसील के जाखड़ी निवासी गंगाकुमारी पुत्री बीकाराम का भी चयन हुआ था.

मेडिकल में गंगा के किन्नर होने की पुष्टि हुई थी। गंगा के किन्नर होने की पुष्टि के बाद जालोर एसपी ने फाइल रेंज आईजी जोधपुर जीएल शर्मा को भेजकर नियुक्ति को लेकर राय मांगी थी.इसके बाद फाइल पुलिस के आला अधिकारीयों में दौड़ती रही और कोई भी अधिकारी फैसला लेने की स्थिति में नहीं था.