भाजपा डाल रही है कुमार विश्वास पर डोरे, छोड़ सकते हैं केजरीवाल का साथ

Advertisement

कहते हैं कि राजनीति में भी स्थायी मित्र या शत्रु नहीं होता. कुमार विश्वास को लेकर जैसी ख़बरें आ रहीं हैं उससे तो यह कहावत सच होती दिखाई दे रही है. दरअसल सुनने में आ रहा है कि भाजपा कुमार विश्वास पर डोरे डाल रही है और कुमार विश्वास को बीजेपी में शामिल करने की लिए मना रही है.  2017 में होने वाले यूपी और पंजाब चुनावों से पहले एक बार फिर ये अटकलें लग रही हैं कि आम आदमी पार्टी के नेता कुमार विश्वास बीजेपी में शामिल हो सकते हैं।

 kumar vishwas meets bjp leader om mathur, may join BJPपाठकों को बता दें ऐसी खबर कहाँ से आ रही हैं? दरअसल 10 फरवरी को कुमार विश्वास का जन्मदिन था.  इस मौके पर बीजेपी के यूपी प्रभारी ओम माथुर कुमार विश्वास से मिलने पहुंचे और दोनों की ये मुलाकात काफी लंबी रही। बताय जा रहा है दोनों के बीच सम्बन्ध बहुत अच्छे हैं और दोनों ने बहुत देर तक घुट-घुट कर बातचीत की. अब अगर दो ऐसी पार्टियों के नेता बैठ कर ऐसी गुप-चुप बात करेंगे तो राजनीतिक कयासों का दौर तो चलना स्वाभाविक ही है.

Advertisement

ऐसा नहीं है कि भाजपा पहली बार कुमार विश्वास को तोड़ने की कोशिश कर रही है. कुमार विश्वास को 2014 के दिल्ली चुनाव के दौरान भी भाजपा में शामिल करने की कोशिश की गई थी। खुद विश्वास ने दावा किया था कि भाजपा ने उन्हें दिल्ली के सीएम पद का ऑफर दिया था।

भाजपा का मन्ना है कि अगर कुमार विश्वास को अरविन्द केजरीवाल से अलग कर लिया जाये तो चुनावों में प्रचार की कुमार विश्वास की ताकत का फायदा आम आदमी पार्टी को न मिल कर भाजपा को मिल सकेगा. माना जाता है कि कुमार विश्वास उन चुनिंदा नेताओं में है जिनकी चुनाव सभाओं में अभी भी खुद ही भीड़ उमड़ती है और किराये के श्रोताओं को इकठ्ठा नहीं करनापड़ता.

जब ओम माथुर से उनकी और कुमार विश्वास की मुलाकात के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि उनके और विश्वास के घरेलू संबंध हैं और विश्वास उनके छोटे भाई की तरह हैं। दोनों को एक दूसरे पर पूरा विश्वास है।

अगर कुमार बीजेपी का दामन थामते हैं तो पंजाब चुनाव की तैयारी में जुटी आप को बड़ा झटका लगेगा। हालांकि, विश्वास की बथडे पार्टी में कई और नेता भी पहुंचे थे। लेकिन माथुर और कुमार की लंबी मुलाकात ने इसे सियासी रंग दे दिया। माथुर से जब मुलाकात के बारे में पूछा गया तो वो सिर्फ मुस्कराए। कहा कुछ नहीं। बता दें कि कुछ मौकों पर विश्वास पार्टी लाइन से अलग जाकर नरेंद्र मोदी की तारीफ कर चुके हैं।

वहीं विश्वास की तरफ से इस बात पर कोई टिप्पणी नहीं आई है।

Advertisement