कुशीनगर परिवर्तन रैली में मोदी का विपक्ष पर पलटवार – काले धन वाले करेंगे 28 को भारत बंद

कुशीनगर : नरेंद्र मोदी उत्तर प्रदेश में होने वाले चुनावों के मद्दे-नजर भाजपा की परिवर्तन रैली में आज कुशीनगर में जन सभा के दौरान काले धन के के खिलाफ उनकी मुहिम का विरोध करने वालों पर जम कर बरसे. प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भाजपा सरकार काले धन और भ्रष्टाचार का रास्ता बंद करने में लगी है और विपक्ष भारत बंद करने में लगा हुआ है। जन सभा में नरेंद्र मोदी ने सख्त शब्दों में कहा कि काले धन के खिलाफ अपने अभियान को कतई रोकने के मूड में नहीं हैं क्योंकि इसे जनता का अपार समर्थन हासिल है. कांग्रेस के आजादी से अब तक के भारत पर शासन काल पर तंज कास्ट हुए मोदी ने कहा कि 70 साल में जो (काला धन Black money) लूटा गया है, उसे निकालना है। आज सुबह ही मन की बात में राष्ट्र से अपील करने के बाद मोदी ने इस जन सभा में एक बार फिर लोगों से मोबाइल के जरिए डिजिटल बैंकिंग को बढ़ावा देने की अपील की।

narendra modi kushinagar parivartan raily demonetization digital bankingस्थानीय लोगों की बोलचाल की भाषा भोजपुरी में अपने भाषण की शुरुआत करने के बाद प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि केंद्र की सरकार ने नोटबंदी (विमुद्रीकरण) का फैसला सिर्फ और सिर्फ गरीबों की भलाई के लिए लिया है। मोदी ने कहा, ‘यह सारा पैसा गरीबों की भलाई के लिए काम आने वाला है। अब हम देश को लुटने नहीं देंगे। इस ईमानदारी के महायज्ञ में कष्ट झेलकर भी लोग आहुति दे रहे हैं। आने वाले वक्त में देश इस बात को स्वीकार करेगा कि फैसला कठोर कठोर था, पर भविष्य उज्जवल है।’

प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वीकार किया कि नोटबंदी के इस फैसले से आम नागरिकों भी कुछ परेशानी हो रही है. अपने भाषण में मोदी ने नोटबंदी से लोगों को हो रही परेशानी का जिक्र करते हुए कहा कि बीमारी दूर करने वाली दवा भी तकलीफ देती है। उन्होंने अपने ८ नवम्बर के राष्ट्र के नाम संबोधन का जिक्र करते हुए कहा ‘मैंने 50 दिन मांगे हैं, मैंने पहले दिन (८ नवम्बर) ही कहा था कि तकलीफ होगी, बड़े लोगों को बड़ी तकलीफ होगी, छोटे लोगों को छोटी तकलीफ होगी। लोकतंत्र में कोई ऐसा फैसला लेने की हिम्मत नहीं कर पाता, पर जनता के आशीर्वाद से ऐसा कठोर फैसला लिया। 50 दिन तकलीफ होगी, अभी तो 20 दिन ही हुए हैं।’ अपने भाषण में नरेंद्र मोदी ने जनता से उकसावे में न आने की अपील की और धैर्य बनाये रखने के लिए धन्यवाद दिया.

कुशीनगर की परिवर्तन रैली में आये लोगों का धन्यवाद करते हुए मोदी ने कहा कि इतनी भीड़ तो लोकसभा के चुनावों में भी नहीं जुटी थी. परिवर्तन रैली में भारी संख्या में जमा हुए लोगों को प्रधानमंत्री ने रविवार को अखबार में आए सरकारी विज्ञापन को मंच से दिखाते हुए आग्रह किया कि इसकी कटिंग हर दुकान में लगाई जाए। उन्होंने खास तौर पर पढ़े लिखे युवाओं और बीजेपी कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे दुकानों के बाहर इसे लगाएं और अपने आसपास के लोगों को मोबाइल से ट्रांजैक्शन करना सिखाएं। उन्होंने कहा, ‘नोटों का इस्तेमाल काले धन वाले करना चाहते हैं, अब हम उन्हें सफल नहीं होने देंगे।’

नरेंद्र मोदी ने लोगों को डिजिटल बैंकिंग ज्यादा से ज्यादा करने का आव्हान करते हुए कहा कि आज तकनीक इतनी सरल हो गई है कि जिस तरह लोगों को मोबाइल रिचार्ज करना और वॉट्सऐप का मेसेज फॉरवर्ड करना खुद आ गया, वैसे ही मोबाइल से लेन-देन करना भी लोग सीख जाएंगे। उन्होंने कहा कि मोबाइल फोन ही अब बैंक की ब्रांच बन गया है।

अपने भाषण की शुरुआत में प्रधानमंत्री ने किसानों के हित के लिए केंद्र सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का भी जिक्र किया। उन्होंने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि इसमें बुआई से लेकर कटाई तक में होने वाले नुकसान के लिए मुआवजे का प्रावधान है। मोदी ने कहा कि यूरिया के लिए लगने वाली किसानों की लाइन को भी एनडीए सरकार ने ही खत्म किया, पहले यूरिया केमिकल कारखानों में पहुंचा दिया जाता था। वहीं उन्होंने सॉइल हेल्थ कार्ड की अहमियत भी बताई।

उत्तर प्रदेश चुनावों को ध्यान में रखते हुए मोदी यूपी की समाजवादी सरकार पर चुटकी लेने से नहीं चुके. उन्होंने सपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि ‘यूपी की सरकार को मैं कहना चाहता हूं कि झगड़े शांत हो गए हों, किसानों की चिंता करने की फुर्सत मिल गई हो तो यूपी में फसल बीमा योजना को लागू करें। मुझे नहीं लगता है कि कर पाएंगे, उन्हें दिलचस्पी ही नहीं है।’

प्रधानमंत्री ने पूर्वी उत्तर प्रदेश के विकास पर जोर देते हुए कहा कि पूर्वी यूपी का विकास किए बगैर यूपी का विकास नहीं हो सकता। गन्ना किसानों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि 2014-15 में गन्ना किसानों का 22 हजार करोड़ रुपया बकाया था जो अब लगभग खत्म किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि मिल मालिकों की तरफ से गणना किसानों का बकाया भुगतान करने के लिए राहत पॅकेज की मांग की गयी थी. उसे ठुकरा दिया गया और बकाया राशि का भुगतान सीधे किसानों के अकाउंट में किया गया.