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Kya sutak evam patak mein vrat rakhana chahiye?

उत्तर: सनातन शास्त्रों के अनुसार सूतक (जननाशौच) और पालक (मरणाशौच) में कभी भी व्रत नहीं रखना चाहिए। व्रत भंग हो जाता है। और कोई ऐसा व्रत जो लम्बे समय तक करने का संकल्प लिया जा चुका हो तो उस व्रत का त्याग नहीं किया जा सकता है। उस अवस्था में व्रत करने वाले को केवल व्रत करना चाहिए। व्रत देव की पूजा अर्चना किसी दूसरे व्यक्ति से करवानी चाहिए जिसको सूतक, सावड़ न लगता हो।

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