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हिन्दी लोकोक्तियाँ क्लास 5, Lokoktiyan for class 5 

कक्षा 5 के विद्यार्थियों के लिए हमने कुछ प्रमुख लोकोक्तियाँ संकलित की हैं जो परीक्षा की दृष्टि से उपयोगी हैं। विद्यार्थी इन लोकोक्तियों का अभ्यास कर परीक्षा में पूर्ण अंक प्राप्त कर सकते हैं।

 क्लास 5 हिन्दी लोकोक्तियाँ

  1. अंधो में काना राजा
    अर्थ
    बुद्धिहीन के मध्य अल्प बुद्धिमान का सम्मान
    वाक्य प्रयोग- सामान्य बुद्धि वाले रमेश को कक्षा में प्रथम आने पर मोहन के मुंह से निकला अंधों में काना राजा।
  2. अंत भला तो सब भला
    अर्थकिसी भी कार्य का अंत अच्छा हो तो उसका परिणाम भी अच्छा होता है।
    वाक्य प्रयोग- कक्षा में फिसड्डी रहने वाले संतोष को जब लाखों रुपए सालाना वाली नौकरी मिली तो सबने कहा अंत भला तो सब भला।
  3. आप भला तो सब भला
    अर्थआप अच्छे हों तो सब अच्छा लगता है।
    वाक्य प्रयोग- मिस्टर नरेन्द्र का स्वभाव ऐसा है कि उन्हें सब भले दिखते हैं।वो कहावत है ना कि आप भला तो सब भला।
  4. ऊंट के मुंह में जीरा
    अर्थअपर्याप्त होना
    वाक्य प्रयोग – हिरण ने जब शेर को मेमने का शिकार करते हुए देखा तो उसने कहा अरे यह तो शेर के लिए  ऊंट के मुंह में जीरा  मुंह में जीरा है।

    5. एक पंथ दो  काज
    अर्थदूहरा लाभ होना
    वाक्य प्रयोग- घर बैठे काम मिलने से जहां एक ओर उसकी आर्थिक स्थिति तो ठीक हुई और समय का सदुपयोग हुआ सो अलग ।इसे कहते हैं एक पंथ दो काज।

    6. काला अक्षर भैंस बराबर
    अर्थअनपढ़ होना
    वाक्य प्रयोग – जब क्लर्क ने फार्म को पढ़ कर साइन करने को कहा तो उन्होंने कहा मेरे लिए तो काला अक्षर भैंस बराबर है , साइन तुम्हीं कर दो।

    7. होनहार बिरवान के होत चिकने पात
    अर्थयोग्यता की  पहचान बचपन में ही  हो जाती है।
    वाक्य-प्रयोग- गाड़ियों के प्रति उसके लगाव और जानकारी को देखते हुए लगता है कि वह आगे चलकर गाड़ी की कंपनी का मालिक होगा।

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    8. बैल मुझे मार
    अर्थअपने आप मुसिबत मोल लेना
    वाक्य प्रयोग- गली में खेलते बच्चों ने मिसेज शर्मा की खिड़की की कांच तोड़ कर आ बैल मुझे मार वाली कहावत चरितार्थ कर दी ।

    9. खोदा पहाड़ निकली चुहिया
    अर्थमेहनत के मुकाबले कम फल प्राप्त होना।
    वाक्य प्रयोग- जमीन खोदने में पूरी रात निकल गई और मिला क्या एक छोटी सी अशरफी! खोदा पहाड़ निकली चुहिया।

    10. जो गरजे सो बरसे नहीं
    अर्थशोर  मचाने वाले काम करने वाले नहीं होते ।
    वाक्य प्रयोग- एक पियक्कड़ शोर मचाते मोहल्ले वालों को परेशान कर रहा था। कुछ लोग मोड़ पर खड़े होकर उत्तेजित स्वर में उसे मारने की तैयारी कर रहे थे लेकिन दो घंटे बाद भी वह युं ही चिल्लाता रहा।यह कहावत उनके लिए एकदम फिट है जो गरजते हैं वो बरसाते नहीं।

    11. अधजलगगरी छलकत जाए
    अर्थकम ज्ञान दिखावे के मोहताज होते है।
    वाक्य प्रयोग- रमेश अपने दोस्तों से हमेशा  ज्ञान बघारता रहता है जबकि पढ़ाई में फिसड्डी है।

    12. चोर चोर मौसेरे भाई
    अर्थसमान दुर्गुणों वाले व्यक्तियों में जल्दी दोस्ती होती है
    वाक्य प्रयोग- रमेश और सुरेश में दोस्ती इसलिए हैं कि दोनों ही झूठ बोलने में माहिर है  वैसे ही जैसे चोर चोर मौसेरे भाई।

    13. आगे कुआं पीछे खाई
    अर्थदोतरफा मुसिबत आना।
    वाक्य प्रयोग- प्रिंसिपल साहब की डांट न खानी पड़े इसलिए मि. मेहता जल्दी तो निकल गये लेकिन थोड़ी देर में ही डायरेक्टर को देखते ही उनके पैर ठिठक गए।अब किधर जाएं आगे कुआं पीछे खाई।

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    14. जिसकी लाठी उसकी भैंस
    अर्थशक्ति शाली का ही दबदबा है।
    वाक्य प्रयोग- आजकल  गरीबों की कोई पूछ नहीं बल्कि जिसकी लाठी उसकी भैंस वाली कहावत चरितार्थ होती है।

    15. जैसे को तैसा
    अर्थगलत का परिणाम गलत ही होगा
    वाक्य प्रयोग- तुमने उसका नाम बदनाम किया तो आज उसी के बेटे ने तुम्हारा जीना हराम कर रखा है। जैसे को तैसा मिल गया।

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