Lokoktiyan in Hindi class 7 (Proverbs in Hindi Class 7)

हिन्दी लोकोक्तियाँ क्लास 7, Lokoktiyan for class 7

कक्षा 7 के विद्यार्थियों के लिए हमने कुछ प्रमुख लोकोक्तियाँ संकलित की हैं जो परीक्षा की दृष्टि से उपयोगी हैं। विद्यार्थी इन लोकोक्तियों का अभ्यास कर परीक्षा में पूर्ण अंक प्राप्त कर सकते हैं।

 क्लास 7 हिन्दी लोकोक्तियाँ                                  

  1. लोकोक्तिमुंह में राम बगल में छुरी
    अर्थमित्रता का दिखावा करना और मन में शत्रुता पालना।
    वाक्य प्रयोग- प्रेमलता मैम हेमलता से हंस-हंसकर बातें कर उनकी हमदर्द बनती हैं और फिर जाकर प्रिंसिपल मैम से शिकायत करती हैं।उनके यह व्यवहार तो मुंह में राम बगल में छुरी वाला है।

    2. लोकोक्तिसांप भी मर जाए लाठी भी ना टूटे
    अर्थबिना नुकसान के काम बनना।
    वाक्य प्रयोग- इतनी आसानी से तो वह मकान खाली करेगा नहीं कुछ ऐसा उपाय बताओ कि सांप भी मर जाए और लाठी भी ना टूटे।

    3. लोकोक्तिनौ नगद तेरह उधार
    अर्थसौ रुपए के  उधार सामान बेचने से ₹25 का नगद सामान बेचना लाभदायक होता है।
    वाक्य प्रयोग – लाला ने हाथ जोड़ते हुए शर्मा जी से कहा भाई साहब भले ही थोड़े पैसे का पर आप नगद लो, मैं उधार के चक्कर में नहीं पड़ता मेरा तो यह सिद्धांत है नौ नगद न तेरह उधार ।

    4. लोकोक्तिदूर के ढोल सुहावने
    अर्थदूर से सभी वस्तुएं अच्छी लगती हैं।
    वाक्य प्रयोग-  सरला के बेटा बहु जब साथ में रहते थे  तो आए दिन झगड़े होते रहते थे लेकिन जब से बेटा बहू दूर रहने लगे हैं तब से ना सिर्फ रोज खैरियत पूछी जाती है बल्कि आए दिन नए नए पकवान भी भेजे जा रहे हैं  भई ,दूर के ढोल सुहावने ही होते हैं ।

    5. लोकोक्तिथोथा चना बाजे घना
    अर्थयोग्यता होने पर योग्य होने का दिखावा करना
    वाक्य प्रयोग-रमेश को आता जाता तो कुछ है नहीं पर कोई भी विषय हो  बढ़ चढ़कर  ही बोलेगा जिसे
    देखकर सब लोग यही कहते  थोथा चना बाजे घना।

    6. लोकोक्तिडूबते को तिनके का सहारा
    अर्थविपत्ति में थोड़ी सहायता भी बहुत होती है।
    वाक्य प्रयोग- बाजार से लौट रहा था कि  रास्ते में कुछ बटमारो से सामना हुआ ।बंदुक दिखा कर सब लूट लिया बस निचले जेब में कुछ पैसे पड़े थे वो बच गए।घर लौटने पर पत्नी ने कहा  डुबते को तिनके का सहारा भी बहुत होता है।

    7. लोकोक्तिचोर की दाढ़ी में तिनका
    अर्थ–  जो गलती करते हैं वह हमेशा सशंकित रहते हैं।
    वाक्य प्रयोग- रहीम  मास्टर जी के हाथों  क्रोध में एक बच्चा बुरी तरह पिट गया।उस दिन से जब भी कोई अभिभावक पाठशाला में आता तो  वह डर जाता कि कहीं वो उसी बच्चे के माता-पिता तो नहीं है। उसका यह व्यवहार चोर की दाढ़ी में तिनका वाली कहावत चरितार्थ कर रहा है।

    8. लोकोक्तिचिराग तले अंधेरा
    अर्थअपनी बुराई किसी को नहीं दिखाई देती।

वाक्य प्रयोग-  नशा मुक्ति आंदोलन के अगुआ रामजीलाल का बेटा शराब के ठेके पर पकड़ा गया । यह खबर सुबह अखबार में छपी तो सब के मुंह से निकल रहा था चिराग तले अंधेरा ।

9. लोकोक्तिउल्टा चोर कोतवाल को डांटे
    अर्थदोषी ही निर्दोष को दोष दे।
वाक्य प्रयोग- शर्मा जी की खिड़की का शीशा गली में क्रिकेट खेल रहे बच्चों द्वारा टूट गया।शर्मा जी के टोकने पर सारे बच्चे मिलकर उन पर ही हावी हो गए । यह तो वही कहावत हो गई उल्टा चोर कोतवाल को डांटे।

10. लोकोक्तिऊंची दुकान फीकी पकवान
अर्थकाम कम नाम ज्यादा।
वाक्य प्रयोग –  सेठ रतनलाल की शहर में  कपड़ों  की एक बड़ी सी दुकान है और बहुत प्रसिद्ध है। एक दिन जब मैं उस दुकान में पहुंचा तो जिस गुण वत्ता के कपड़े  मुझे चाहिए था  वह नहीं मिला।  बाहर निकलते निकलते मैंने कहा अरे यह तो ऊंची दुकान फीकी पकवान  निकला।

11. लोकोक्तिआग बिना धुआ नहीं उठता
अर्थकार्य तभी संभव है जब कारण उपस्थित हो।
वाक्य प्रयोग- तुम्हारी बात पर मैं कैसे विश्वास करूं यदि तुम ने गलती न की होती तो तुम्हें सजा नहीं मिलती ।आग बिना धुआं नहीं उठता ।कुछ ना कुछ तो तुमने किया ही होगा।

12. लोकोक्तिदूध का दूध पानी का पानी
अर्थ–  यथोचित न्याय करना।
वाक्य प्रयोग- राम और श्याम दोनों भाइयों के बीच झगड़ा बढ़ता ही जा रहा था ।सबको दिखाई दे रहा था कि शाम की गलती है लेकिन बहुमत के कारण सब राम का विरोध कर रहे थे ।तब राम ने श्याम से कहा यहां भले ही लोग तुम्हारा समर्थन करें लेकिन अदालत में  अवश्य दूध का दूध और पानी  का पानी होगा ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *