महिमा – मृगि कौन सुकृति की, खल- वच- विसिख न बाँची ? में कौनसा अलंकार है?

Advertisements

महिमा – मृगि कौन सुकृति की ,खल- वच- विसिख न बाँची ? में कौनसा अलंकार है?

महिमा – मृगि कौन सुकृति की ,खल- वच- विसिख न बाँची ? में कौनसा अलंकार है? उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिये।

Advertisements

महिमा – मृगि कौन सुकृति की ,खल- वच- विसिख न बाँची ? में रूपक अलंकार है। प्रस्तुत पंक्ति में यह कहा गया है कि कौन ऐसा सज्जन पुरुष है जिसकी मृग रूपी महिमा दुष्ट के वचन रूपी वाणों से बच सका है। इसमें महिमा पर मृग का, वचन पर वाणों का आरोप लगाया गया है इसलिए यहाँ रुपक अलंकार है।

दूसरे शब्दों में कहें तो महिमा और मृग तथा बाण और वचन में इस तरह संबंध सठसपित किया गया है कि दोनों में कोई भेद नहीं रह गया है इसलिए इसे ही उपमेय पर उपमान का आरोप कहतें हैं।

Advertisements

इस उदाहरण में जहां जहां पर उपमेय और उपमान आए हैं, वो हमने विद्यार्थियों की सहायता के लिए नीचे लिख दिये हैं:-

उपमेय – उपमान

महिमा – मृग

वचन – बाण

जहां किन्हीं दो व्यक्ति या वस्तुओं में इतनी समानता हो कि दोनों में अंतर करना मुश्किल हो जाए वहां रूपक अलंकार होता है।

अथवा जहां उपमेय उपमान का रूप धारण कर ले वहां रूपक अलंकार होता है। रूपक अलंकार अर्थालंकार का एक प्रकार है।

महिमा – मृगि कौन सुकृति की ,खल- वच- विसिख न बाँची ? में रूपक अलंकार से संबन्धित प्रश्न परीक्षा में कई प्रकार से पूछे जाते हैं। जैसे कि – यहाँ पर कौन सा अलंकार है? दी गई पंक्तियों में कौन सा अलंकार है? दिया गया पद्यान्श कौन से अलंकार का उदाहरण है? पद्यांश की पंक्ति में कौन-कौन सा अलंकार है, आदि।

महिमा – मृगि कौन सुकृति की ,खल- वच- विसिख न बाँची ? पंक्तियों में रूपक अलंकार के अलावा और कौन सा अलंकार उपस्थित है?

Important Alankar in Hindi अलंकार के उदाहरण एवं हिन्दी अलंकार पर प्रश्न जो परीक्षा में पूछे जा सकते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published.