मनमोहन ने अपनी चुप्पी तोड़ी,बोले, नोटबंदी और जीएसटी छोटे कारोबारियों के लिए बुरे सपने जैसा बन गया है…

पूर्व पीएम मनमोहन सिंह ने मंगलवार को गुजरात में कांग्रेस की प्रेस कॉन्फ्रेंस मे गुजरात चुनाव से पहले उन्होंने नोटबंदी और जीएसटी के लिए वर्तमान पीएम नरेंद्र मोदी की जमकर खिचाई की.मनमोहन ने महात्मा गांधी की बातो को याद करते हुए कहा की ,अगर महात्मा गांधी की बातो को याद कर लेते तो शायद इतने बड़े फैसले लेने से पहले गरीबों के हितो के बारे मे सोचा होता .

मनमोहन ने मोदी से किये कुछ सवाल?मनमोहन सिंह ने कहा- प्रधान मंत्री खुद समझाए की ये गरीबो को फायदा कैसे करेगा?क्या इस फैसले से भूखमरी को खत्म होगी ?जिनका रोजगार जाएगा उनके बारे में क्या पीएम ने सोचा?

क्या बुलेट ट्रेन लाना ज़रूरी था. बुलेट ट्रेन लाने से पहले क्या मोदी ने हमारी हाई स्पीड ट्रेनों को लेकर रेलवे को अपग्रेड करने के बारे में सोचा?

मनमोहन ने कहा की पूरा फ़ायदा चीन को मिल रहा. जीएसटी ने उलझा दिया,टैक्स टेरिरिज्म बढ़ा .पूर्व पीएम ने कहा- हमारी सरकार की सोच टैक्स को सरल करना था.

एक टैक्स लाकर, ताकि सबका भला हो, पर इस सरकार के जीएसटी में ऐसा कुछ नहीं है.जीएसटी छोटे कारोबारियों के लिए बुरे सपना जैसा बन गया है.

बार-बार नियमो में बदलाव करने से दिक्कते बढ़ी है.दुनिया भर में अपनी अर्थशास्त्र निति को लेकर लोहा मनवा चुके मनमोहन सिंह ने कहा, ग्लोबल कंडीशन अच्छा होने के बाद भी टैक्स टेरिरिज्म का डर बढ़ा है. मनमोहन ने कहा कि केंद्र सरकार अपनी ड्यूटी निभाने में असफल रही है.

मोदी सरकार ने इनफॉर्मल सेक्टर के लोगों के बारेक्यों नहीं सोचा? रोजगार गंवाने वालों के बारे में क्या सोचा? अगर पीएम ने महात्मा गांधी की बातों को ध्यान में रखा होता,तो गरीबों को इससे मुश्किल नहीं उठाना पड़ता.

मनमोहन सिंह ने कहा,की मुझे एहसास हैं गरीबी का,मैंने गरीबी देखी है.पंजाब में देश का बंटवारे को झेला है.मनमोहन सिंह ने कहा मेरे जीवन पर कांग्रेस की नीतियां का हमेशा से ही प्रभाव रहा हैं .हमने 140 मिलियन लोगों को गरीबी से निकाला. नोटबंदी और जीएसटी दो बड़े धमाके साबित हुए जिन्होने लाखों लोगों को गरीबी के दलदल में धकेल दिया.