यूपी को सपा-कांग्रेस-अखिलेश-माया (SCAM) से मुक्ति चाहिए: मोदी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेरठ (उत्तरप्रदेश) रैली में सपा, कांग्रेस और बसपा पर जमकर हमला बोला. उन्‍होंने इन तीनों पार्टियों को घोटालेबाज बताया. मोदी ने कहा कि यूपी को SCAM से मुक्ति चाहिए. उन्होंने आगे कहा, S मतलब समाजवादी पार्टी, C मतलब कांग्रेस, A मतलब अखिलेश यादव और M मतलब मायावती. जब तक उत्तर की जनता उत्तर प्रदेश में से SCAM को खत्म नहीं कर देती तब तक उत्तर प्रदेश का विकास नहीं हो सकता.

आप तय करें की आपको SCAM चाहिए या विकास. मोदी ने सपा-कांग्रेस गठबंधन पर हमला बोलते हुए कहा कि चाहे जितने गठबंधन हो जाए इन्‍हें कोई बचा नहीं सकता. उत्तर प्रदेश की सरकार को गाली देने वाले कांग्रेस के लोग, रातों रात ऐसा क्या हो गया कि उन्हीं के गले लग गए?

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जो खुद के बचा नहीं सकते वे उत्तर प्रदेश  को क्या बचाएंगे.

पीएम मोदी ने कांग्रेस पार्टी पर हमला करते हुए कहा कि कुछ दिन पहले तक कांग्रेस को राज्य सरकार से बड़ी दिक्कतें थी लेकिन अब सब बदल गया है. उन्होंने कहा कि राजनीति में गठबंधन बहुत देखें हैं. लेकिन जब पिछले कुछ दशकों से जो दल एक दूसरों को कोसने का कोई मौका नहीं छोड़ते थे अब वे एक दूसरे के गले लग गए हैं. उन्होंने कहा कि जो खुद को बचा नहीं सकते वे उत्तर प्रदेश  को क्या बचाएंगे. उन्होंने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि जब देश ने ही नकार दिया है, तब यूपी में कैसे बचेंगे. इनका यूपी के भाग्य से कोई लेना देना नही हैं.

पीएम मोदी ने कहा कि भाजपा की लड़ाई इस स्कैम के खिलाफ है. उन्होंने कहा कि जब राज्य को स्कैम से मुक्ति नहीं मिलेगी तब तक राज्य में सुख चैन के दिन नहीं आएंगे. उन्होंने कहा कि दिल्ली से मैं यूपी की कितनी भी मदद करना चाहूं, लेकिन अगर राज्य सरकार का इरादा नहीं होगा तो कुछ नहीं होगा.

पीएम मोदी ने कहा कि दो महीने पहले सपा के नेता कह रहे थे फलां गुंडागर्दी करता है, फलां खनन माफिया है. ऐसे लोगों को समाजवादी पार्टी ने खुद टिकट दिए हैं. इन लोगों के इरादे नेक नहीं है. पीएम मोदी ने कहा कि गरीबों को बीमारी में सरकार की तरफ से मदद मिले, इसके लिए 4000 करोड़ रुपया यूपी सरकार को केंद्र ने दिया. उन्होंने कहा कि 2014-15 में 4000 करोड़ में से 2500 करोड़ भी राज्य सरकार खर्च नहीं कर पाई और हिसाब देने से बच रही है. 2015-16 में भी ऐसा ही हाल रहा है. अब 7000 करोड़ रुपये में से भी 2800 करोड़ रुपये गरीबों के हित में खर्च नहीं कर पाए.

यह कौन सी राजनीति है कि गरीबों की दवाई के लिए दिया गया यह पैसा खर्च नहीं हुआ. यहां पर भी वोटबैंक की राजनीति की गई.उन्होंने कहा कि बीमार की कोई जाति नहीं होती. बीमारी में भी यूपी की वर्तमान सरकार ने लोगों की मदद नहीं की. यहां हर चीज वोट बैंक के तराजू से तौला जा रहा है. ये विकास में रुकावट बने हुए हैं.

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