My family Essay in Hindi | मेरा परिवार पर निबंध

My family Essay in Hindi for class 5/6 in 100 words मेरा परिवार पर निबंध

मेरा परिवार एक छोटा एवं सुखी परिवार है। मेरे परिवार में दादाजी, दादीजी, पिताजी, माताजी और मेरे चाचाजी हैं। मेरे दादाजी एक सरकारी विभाग से कार्यमुक्त हैं एवं धर पर रहते हैं। उन्हें बागवानी का बहुत शौक है और अपना समय बागवानी करने में बिताते हैं। मेरी दादीजी भी घर पर ही रहती हैं। वे घर के काम-काज में मेरी माँ का हाथ बँटाती हैं। मेरे पिताजी एक सरकारी कर्मचारी हैं। मेरी माँ घर पर रहती हैं और पूरे परिवार का ध्यान रखती हैं। मेरे चाचाजी महाराष्ट्र में डॉक्टरी की शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। 2 वर्ष बाद वे डॉक्टर बन जायेंगे।

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My family Essay in Hindi for class 7/8 in 200 words मेरा परिवार पर निबंध

मेरे परिवार में मेंरे अलावा मेरे माता-पिता, दादा-दादी एवं चाचा-चाची हैं। अभी मेरे परिवार में मेरे अलावा और कोई बच्चा नहीं है इसलिए सब मुझे बहुत प्यार करते हैं। मेरे दादाजी एक कार्यालय में कार्यरत हैं। वे कार्यालय से आते हुए मेरे लिए मेरी पसन्द का फल जरूर लाते हैं। मेरी दादी घर पर ही रहती हैं। उन्हें भगवान की किताबें पढ़ने का शौक है और वे उसी में व्यस्त रहती हैं।

मेरी माँ भी घर पर ही रहती हैं। उन्हें नये-नये पकवान बनाने का बहुत शौक है। वे हमारे लिए प्रतिदिन कुछ न कुछ नया-नया खाने को बनाती रहती हैं। सबको मेरी माँ के हाथ का खाना बहुत पसन्द है। सब उनकी बहुत तारीफ करते हैं। मेरे पिताजी बैंक में काम करते हैं। वे बैंक में मैनेजर के पद पर कार्यरत् हैं। वे सुबह 9:30 पर घर से चले जाते हैं और शाम को 6-7 बजे तक घर लौटते हैं। मेरे चाचा मुझे बहुत प्यार करते हैं। वे एक कार्यालय में कार्य करते हैं। मेरी चाची भी घर पर ही रहती हैं। वे घर से ही किसी कार्यालय का काम करती हैं और साथ ही घर के काम में मेरी माँ का हाथ बँटाती हैं।

My family Essay in Hindi for class 9/10 in 500 words मेरा परिवार पर निबंध

हमारे परिवार में बहुत सारे लोग हैं। जिनमें मेरे दादा-दादी, माता-पिता, ताऊजी-ताईजी, चाचा-चाची, बुआ, मेरी बहन, मेरे चचेरे भाई बहन और एक राजू काका हैं। राजू काका घर के कामों में सहायता करते हैं। मेरे कुल चार चचेरे भाई बहन हैं जिनमें दो मुझसे छोटे और दो मुझसे बड़े हैं। मैं और मेरी बहन इनके बीच में आते हैं। हम सब मिलकर एक ही घर में रहते हैं। मेरे दादा जी डॉकटर हैं उनका क्लीनिक घर पर ही है। दूर-दूर से बिमार लोग उनसे इलाज करवाने आते है। उनकी दवाई से लोगों का बहुत लाभ होता है। मेरी दादीजी खाना बनाना सिखाने की कक्षायें लेती हैं। बहुत सी दीदी एवं आण्टी मेरी दादी से कक्षायें लेने आती हैं। मेरी माँ एक सामाजिक संस्था में कार्य करती हैं। वे सुबह जाकर दोपहर तक लौट आती हैं। मेरे पिताजी सरकारी कर्यालय में कार्यरत् है। वे सुबह जाकर शाम को घर वापस आते हैं।

मेरे ताऊजी और चाचाजी साथ मिलकर व्यापार करते हैं। मेरी ताईजी का बुटीक है और मेरी चाची घर पर ही रहती हैं। मेरे सभी भाई-बहन दो अलग-अलग विद्यालयों में पढ़ते हैं। मेरी बुआ अभी मैडिकल परीक्षा की तैयारी कर रही हैं। वे भी डॉक्टर बनना चाहती हैं। परिवार में 16 लोग होते हुए भी सब मिलजुल कर रहते हैं। किसी भी त्यौहार या खास मौके को हम सब लोग मिलजुल कर धूम-धाम से मनाते हैं।

मेरा परिवार एक शिष्ट एवं सभ्य परिवार है जहाँ अनुशासन को बहुत महत्व दिया जाता है। इसी कारण हम सब मिलजुल कर रह रहे हैं। इतने लोग होते हुए सारे काम समय पर होते हैं। सारे कार्यों के लिए समय निश्चित है इसलिए कभी भी किसी को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होती एवं सभी कार्य अपने नियत समय पर होते हैं। हम सब बच्चों का उठने-सोने, खाने-खेलने एवं पढ़ने का समय निश्चित है। मेरे परिवार में सब छोटे बड़ों का आदर करते हैं और बड़े भी अपने छोटों से बहुत प्यार करते हैं एवं उनका ध्यान रखते हैं। यदि परिवार में किसी को भी किसी प्रकार का कष्ट हो जाये तो सब एक साथ मिलकर उसे हल करने का प्रयत्न करते हैं।

मेरा परिवार पड़ौसियों के साथ भी मिलजुल कर रहता है। आवश्यकता पड़ने पर पड़ौसियों की सहायता के लिए सबसे आगे तैयार रहता है। घर में आये अतिथियों का यथोचित आदर-सत्कार किया जाता है। जिससे सभी लोग हमारे परिवार से खुश रहते हैं। मेरे दादा-दादी ने कई बार कहा कि यदि किसी को परेशानी हो तो वे आराम से अलग रह सकते हैं लेकिन हमारा परिवार एक-दूसरे के साथ हँसी-ख़ुशी रहने में खुश है। कोई भी परिवार छोड़कर नहीं जाना चाहता

मेरे परिवार में कभी भी झगड़े नहीं होते यदि कोई समस्या है तो सब मिल कर सुलझा लेते हैं। यदि पड़ोस  में कहीं झगड़ा होता है तो हमें आश्चर्य होता है कि चार लोगों में परिवार में झगड़ा कैसे हो रहा है। पड़ौसी हमारे परिवार को देखकर एक-जुटता की मिसाल देते हैं। मेरे परिवार में शान्ति का कारण हमारी एकता है। जो हमें हर परेशानी से दूर रखती है और समस्या होने पर आराम से सुलझ भी जाती हैं।