नयी दिल्ली: आज पूर्व भाजपा अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री वेंकैय्या नायडू ने एक रैली में कहा कि “भाजपा सरकार भ्रष्टाचार से मुक्त भारत बनाने के लिए कृतसंकल्प है. साथ ही यह लड़ाई उनके भी खिलाफ है जिन्होंने अपने काले धन (Black Money) को उजागर नहीं किया है. नरेंद्र मोदी जी ने उन्हें अपने असेट घोषत करने का समय दिया था किन्तु उन्होंने ऐसा नहीं किया . मोदी जी का और भाजपा सरकार का ऐसे लोगों के विरुद्ध संघर्ष जारी रहेगा.”

naredra modi cashless economy vainkaya nayaduप्रधान मंत्री ने पहले विदेशों से काला धन भारत वापसी के प्रयास किये. अब वह अपने देश में ही छिपाये गए काले धन को उजागर करने का प्रयत्न कर रहे हैं – नायडू ने अपने भाषण में आगे कहा.

नायडू ने यह भी कहा कि ” मोदी जी भारत में कैश रहित अर्थव्यवस्था लाना चाहते हैं जिसमें आपको किसी भी वस्तु या सेवा के लिए व्यक्तिगत रूप से किसी को धन न देना पड़े.

उन्होंने यह भी कहा कि “प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी शीघ्र ही JAM  (जन धन, आधार और मोबाइल Jan Dhan, Aadhar and Mobile) लाना चाहते हैं. इस के बाद आपको खरीदारी आदि के लिए किसी के पास जाने की जरूरत ही समाप्त हो जाएगी.

ध्यान रहे कि ८ नवम्बर को देश के नाम अपने सन्देश में प्रधान मंत्री ने विमुद्रीकरण की घोषणा करते हुए 500  और 1000  के नोटों का चलन बंद करने की घोषणा की थी. इस के पीछे उन्होंने काले धन को समाप्त करने, नकली मुद्रा के खात्मे और आतंकवाद की फंडिंग ख़त्म करने को मुख्य कारण बताया था. हालांकि इस विमुद्रीकरण के बाद बैंकों से पुरानी करेंसी को बदलने के लिए बैंकों के आगे लंबी लंबी कतारें लगीं जिसे लेकर प्रधान मंत्री विपक्षी दलों के निशाने पर आ गए.

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भाजपा ने विपक्षी दलों के विमुद्रीकरण के फैसले को राजनीति से प्रेरित बताते हुए इसे देश के हितों के खिलाफ करार दिया है. भाजपा का मानना है कि बड़े  नोटों का चलन रोकने से काले धन को उजागर करने में मदद मिल रही है. इसे जनता का अपार समर्थन मिल रहा है और 500  और 1000  के नोट बंदी से केवल उन्हें ही परेशानी हो रही है जिन्होंने काला धन इकठ्ठा किया हुआ है.

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