ऑड-ईवन को लेकर  दिल्ली सरकार को  फिर  लगाई फटकार एनजीटी ने,एनजीटी ने कहा कि ऑड-ईवन से महिलाओं-दोपहिया वाहनों को छूट नहीं दी जाएगी.अभी तक की बात किजाये तो दिल्ली सरकार एनजीटी को संतुष्ट करने में असफल रही है.यही वजह हैं की दिल्ली में अभी ऑड-ईवन लागू नहीं हो पाया है.

दिल्ली सरकार ने  दाखिल की  एक नई अर्ज़ी दी.जिस तरह से ऑड-ईवन को लेकर मंगलवार को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने दिल्ली सरकार को फटकार लगाईऔर ऑड-ईवन मे महिलाओं-दोपहिया वाहनों को छूट  देने से साफ़ इंकार कर दिया.

दिल्ली सरकार ने एनजीटी में लगाई याचिका को वापस ले लिया है.ऑड-ईवन फॉर्मूले पर  दिल्ली सरकार ने एक नई पुर्नविचार याचिका दायर की है, जिसमें कई दलीलें भी शामिल की है.

जिसमे दुपहिया व महिला चालकों को छूट देने की अपील की गई हैं.सरकार का कहना है कि सिर्फ दिल्ली ही नहीं अन्य राज्यों में भी ऑड-ईवन योजना को लागू करना चाहिए,

क्योंकि सिर्फ दिल्ली-एनसीआर ही नहीं बल्कि पड़ोसी राज्य हरियाणा, यूपी, उत्तराखंड में भी जहरीली हवाओं का धुंध फैला हुआ है.

दिल्ली सरकार ने दोपहिया वाहनों का बचाव करते हुए कहा कि दिल्ली में कुल 25 लाख दुपहिया वाहनों में रोजाना लगभग 68 हजार वाहन सड़कों पर दौड़ते हैं.

अगर दोपहिया वाहनों को इस योजना से बाहर नहीं रखते हैं तो 2500 बसों की और जरूरत होगी. जोकि दिल्ली के पास नहीं है. सार्वजनिक परिवहन के शोर की समस्या को एक साल के भीतर कम करने की कोशिश की जाएगी.

सूत्रों के मुताबिक,ऑड-ईवन के दौरान दो पहिया वाहन पर रोक लगने से करीब 35 लाख यात्रियों का एक्स्ट्रा बोझ बढ़ जाता, जिसके लिए उनके पास कोई तंत्र मौजूद नहीं है.

एनजीटी ने अपने आदेश में कहा था कि वीआईपी,दो पहिया वाहनों और महिलाओं को ऑड-ईवन के दौरान छूट नहीं दी जा सकती.

इस दौरान सिर्फ इमरजेंसी गाड़ियां जैसे एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड, कूड़ा उठाने वाली गाड़ियों को छूट दी गई थी.एनजीटी ने अपने फैसले में कहा था की डीटीसी ऑड-ईवन के दौरान सिर्फ सीएनजी बसों का प्रयोग करें और आने वाले हफ्ते में पानी का छिड़काव किया जाए.