अभी हाल ही में पाकिस्तानी गायक अदनान सामी को भारतीय नागरिकता मिल गयी है और इसी के साथ राजनीति भी गर्म हो गयी है. शिवसेना ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि अदनान सामी को जब नागरिकता मिल सकती है  तो पाकिस्तान के उन पाकिस्तानी हिन्दुओं को क्यों नहीं जो भारत आ कर बसना चाहते हैं! यह सरकार के दोहरे चरित्र को दर्शाता है .

pakistani hindus

उधर पाकिस्तान में हुए अत्याचारों से पीडित होकर भारत आए पाकिस्तानी हिन्दुओं ने कहा, ‘भारत सरकार को अदनान सामी से ही इतना प्रेम क्यों है? हमें भारत की नागरिकता क्यों नहीं मिल रही जबकि अदनान सामी को इतनी आसानी से भारतीय नागरिकता दे दी गयी . इसके बावजूद कि वह एक मुस्लिम हैं और हम हिन्दू .

300 से अधिक हिन्दू पठानकोट और जालंधर के आस पास रह रहे हैं! इनमें से एक फलक चंन्द के मुताबिक, मैं 1998 में भारत आया और यहाँ शादी की. 2005 में मेरा वीज़ा एक्सपायर हो गया जिसके एक्सटेंशन की अर्जी हमने दे रखी है . परन्तु न हमें हमारी अर्जी पर कोई जवाब मिला और न ही हमें भारतीय नागरिकता देने पर सरकार कोई फैसला लेना चाहती है . अदनान सामी को नागरिकता देने में सरकार ने जितनी तेज़ी दिखाई है अगर हमपर भी इतना ध्यान दिया जाता तो आज इतने सालों से हमें भारत में भटकना नहीं पड़ता .

अब देखना यह है कि चुनाव से पहले बड़े-बड़े वादे करने वाले नेता मंत्री एवं हिंदुत्व का मोर्चा उठाये धर्म के ठेकेदार इन लोगों की कब मदद करने पहुँचते हैं .

गौरतलब हो कि जनवरी 2015 में भाजपा सरकार में 4000 पाकिस्तानी हिन्दुओं और सिखों को भारत की नागरिकता दी थी परन्तु इसके बावजूद बहुत से ऐसे रिफ्यूजी, जिन्होंने पाकिस्तान छोड़ दिया है, भारत की नागरिकता मिलने की आस में भारत में अस्थायी रूप से रह रहे हैं .

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आमिर
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