पंचामृत में कौन सा समास है? पंचामृत का समास-विग्रह क्या है?

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Panchamrit mein kaun sa samas hai? Panchamrit ka samas-vigrah kya hota hai?

पंचामृत में कौन सा समास है?

बहुब्रीहि समास – पंचामृत शब्द में बहुब्रीहि समास है।
पंचामृत में समास का उपभेद बहुब्रीहि समास है
Panchamrit mein kaun sa Samas hota hai?
Bahuvrihi Samas  – Panchamrit shabd mein Bahuvrihi Samas  hai.

पंचामृत का समास-विग्रह क्या है? Panchamrit ka Samas-Vigrah kya hai?

पंचामृत शब्द का समास-विग्रह निम्नानुसार होगा :

समास (समस्त पद) समास-विग्रह
पंचामृत : पाँच प्रकार का अमृत -दूध, दही, शक्कर, गोमल, एवं गोमूत्र का रसायन विशिष्ट
Panchamrit : Paanch prakar ka amrit – Doodh, dahi, shakkar, gomal evem gomutra ka rasayan vishisht

क्योंकि पंचामृत में बहुब्रीहि समास है इसलिए हमने विद्यार्थियों की सहायता के लिए बहुब्रीहि समास की परिभाषा, भेद और उदाहरण को यहाँ पर संक्षेप में समझाया है। अगर विद्यार्थी बहुब्रीहि समास को विस्तार से पढ़ना चाहें तो नीचे दिये गए लिंक (बहुब्रीहि समास की परिभाषा – ) पर जा कर पढ़ सकते हैं।

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बहुब्रीहि समास की परिभाषा –

बहुब्रीहि समास [ सूत्र-अनेकमन्य पदार्थे ]-जिस समास में दोनों पद प्रधान न होकर कोई अन्य पद की प्रधानता होती है। उसे बहुब्रीहि समास कहते है। जैसे-दशानन-दस है मुख जिसके अर्थात् रावण

बहुब्रीहि समास के उदाहरण –

बहुब्रीहि समास के उदाहरण नीचे दिये गए हैं। विद्यार्थियों को इनका लिख लिख कर अभ्यास करना चाहिए।

समास (समस्त पद) – समास-विग्रह
दिवाकर – दिन को करने (संभव बनाने) वाला -सूर्य
दशरथनंदन – वह जो रशरथ के नंदन है -राम
दत्तचित्त – चित्त को (किसी काम में) दिया हुआ -तल्लीन
त्रिलोचन – तीन है लोचन जिसके -शिव
चन्द्रमौलि – चन्द्र है मौलि (मस्तक) पर जिसके -शिव
चन्द्रचूड़ – चन्द्र (चन्द्रमा) है चूड़ (ललाट) पर जिसके -शिव
चक्रपाणि – चक्र है पाणि (हाथ) में जिसके -विष्णु
चक्रधर – चक्र धारण करने वाला -श्री कृष्ण
कुसुमशर – वह जिसके कुसुम के शर (बाण) हैं -कामदेव
कपीश्वर – कपि (वानरों) का ईश्वर है जो -हनुमान

समास की परिभाषा :

समास का तात्पर्य होता है-‘संक्षिप्तीकरण’ और इसका शाब्दिक अर्थ होता है छोटा रूप। अथार्त जब दो या दो से अधिक शब्दों से मिलकर जो नया और छोटा शब्द बनता है उस शब्द को समास (Samas) कहते हैं। समास रचना में दो पद होते हैं। प्रथम पद को ‘पूर्वपद ‘ कहा जाता है और द्वितीय पद को ‘उत्तरपद ‘ कहा जाता है। इन दोनों से जो नया शब्द बनता है वो”समस्त पद” या” सामासिक शब्द” कहलाता है।

समास-विग्रह क्या होता है?

जब समस्त पद के सभी पद अलग-अलग किये जाते हैं उसे समास-विग्रह (Samas Vigrah) कहते हैं। समास-विग्रह सामासिक पद के शब्दों के मध्य संबंध को स्पष्ट करने के लिए किया जाता है।

परीक्षा में पंचामृत समस्त पद को लेकर कई प्रकार से प्रश्न पूछा जा सकता है जैसे कि पंचामृत में कौन सा समास है? पंचामृत शब्द में कौन सा समास होगा? पंचामृत में कौन सा समास होता है? पंचामृत में कौन सा समास है बताइये पंचामृत का समास विग्रह बताइए पंचामृत का समास विग्रह क्या है? पंचामृत का समास विग्रह क्या होगा? आदि।

समास – परिभाषा, भेद, उदाहरण, समास-विग्रह

समास अभ्यास प्रश्न (Samas Worksheet)

दशानन’ में कौन-सा समास है ?
राजपुत्र में कौन सा समास है
घुड़सवार में कौन सा समास है
मृगनयन में कौन सा समास है
परम है जो ईश्वर विग्रह का समस्त पद क्या है यह किस समास का उदाहरण है
धर्मशाला का समास विग्रह है
सरसिज में कौन सा समास है
मृत्युंजय में कौन सा समास है
धर्मशाला का समास विग्रह है
दशानन’ में कौन-सा समास है ?
राजपुत्र में कौन सा समास है
समास विग्रह से क्या तात्पर्य है
मृगनयन में कौन सा समास है
महायुद्ध का समास विग्रह
परम है जो ईश्वर विग्रह का समस्त पद क्या है यह किस समास का उदाहरण है
बहुव्रीहि समास के 100 उदाहरण

25 Important परीक्षा में पूछे जाने वाले सामासिक शब्द के उदाहरण:

सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में समास संबंधी प्रश्न पूछे जाते हैं जिनमें मार्क्स लाना आसान होता है किन्तु सही जानकारी और अभ्यास के अभाव में अक्सर विद्यार्थी समास के प्रश्न में अंक लाने में कठिनाई अनुभव करते हैं। हमने प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे जाने वाले समास के उदाहरण और समास-विग्रह के महत्वपूर्ण सामासिक पदों का संकलन किया है जिनका अभ्यास करके आप पूर्ण अंक प्राप्त कर सकते हैं।

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