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Pariksha mein nakal karte pakde chhatr aur uske pita ke beech samvad- Samvad Lekhan

पिताजी : अतुल, आज तो जैसे ही तुम्हारे मास्टर जी ने मुझे बताया कि तुम किस चालाकी के साथ परीक्षा में नकल करते पकड़े गए हो, मैं तो शर्म से पानी-पानी ही हो गया ।

अतुल : पिताजी वो इतिहास में दिनांक याद ही नहीं हो रहीं थीं इसलिए…. ।

पिताजी : इतिहास की दिनांक याद नहीं हो रहीं थीं तो तुमने नक़ल करके अंक प्राप्त करने की हिम्मत कर ली ।

अतुल : पिताजी सब कुछ याद हो जाता है बस दिनांक में गड़बड़ा जाता हूँ ।

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पिताजी : शर्म आनी चाहिए तुम्हे । आज विद्यालय की परीक्षा में नकल कर रहे हो कल पता नहीं सफलता के लिए क्या-क्या करोगे ?

अतुल : नहीं पिताजी ।

पिताजी : तुम मुझे बताते कि मुझे दिनांक याद नहीं हो रही हैं तो हम दोनों कोई तरीका ढूँढ कर मेहनत करते और तुम्हे किसी भी तरह दिनांक याद हो जातीं । लेकिन, तुमने नक़ल का सहारा लेकर पास होना बेहतर समझा। पर आखिर हुआ क्या ? तुम पकड़े गए और पूरी कक्षा के आगे डांट भी खाई । बेटा गलत तरीकों से सफलता प्राप्त कर के किसी ने इज्जत नहीं पाई ।

अतुल : मुझे क्षमा कर दीजिये पिताजी । मुझसे बहुत बड़ी गलती हो गई है । मैं आपको भविष्य में ऐसा कोई भी मौका नहीं दूँगा ।

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