अब मोदी सरकार ने भी माना, काले धन पर बुरी तरह फेल रही यह स्कीम

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मोदी सरकार ने काले धन पर लगाम लगाने के लिए प्रधान मंत्री गरीब कल्याण योजना चलायी जिससे बड़े पैमाने पर काले धन की वसूली करने का लक्ष्य रखा गया परन्तु अब सरकार ने भी यह मान लिया है कि यह स्कीम बुरी तरह विफल रही है.

ब्लैक मनी को वाइट करने के लिए प्रधान मंत्री मोदी ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना की शुरुआत की थी जिसमें कालाधन रखने वाले 50 फ़ीसदी पेनाल्टी दे कर अपना काला धन वाइट कर सकते थे. परन्तु सरकार के आधिकारिक आंकड़ों को देखें तो यह स्कीम बुरी तरह पीटती नज़र आती है.

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कुल मिला कर इस योजना से सिर्फ 5000 करोड़ का काला धन सामने आया है. राजस्व सचिव हसमुख अढ़िया ने कहा कि 50 फ़ीसदी टैक्स और 25 फ़ीसदी डिपाजिट लोगों को ज्यादा लगा और उन्होंने अपना काला धन अलग अलग खातों में खपा दिया.

ज्ञात हो कि सीबीआई के एक अनुमान के अनुसार भारत में काले धन की कुल राशि लगभग 25 लाख करोड़ रूपए से भी अधिक है. जिसपर 2014 चुनावों में नरेंद्र मोदी की भाजपा सरकार ने कड़े एक्शन लेने की बात कही थी.

वित्‍त मंत्री अरुण जेटली का कहना है कि पीएमजीकेवाई पहले की स्‍कीमों की तरह थी और इसको लेकर रिस्‍पांस को अलग से नहीं देखा जाना चाहिए। उन्‍होंने कहा कि पिछले वित्‍त वर्ष में पीएमजीकेवाई एक अलग स्‍कीम नहीं थी। तथा हमें इसके परिणामों को कम कर के आंकने की जरूरत नहीं है.

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