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उपसर्ग और प्रत्यय कक्षा 5

उपसर्ग –

उपसर्ग वह शब्दांश है जो किसी शब्द के आगे लग कर एक नए शब्द का निर्माण करता है । उपसर्ग व्याकरण का वह प्रकार है जिसके द्वारा हम अपने शब्द भंडार को बढ़ा सकते हैं।

जैसे- कु-पुत्र, सु-पुत्र, सु बल इत्यादि।

उपसर्ग के भेद:-

उपसर्ग को चार भागों में बांटा गया है।

  1. हिंदी के उपसर्ग
  2. अंग्रेजी के उपसर्ग
  3. फारसी के उपसर्ग और
  4. संस्कृत के उपसर्ग।

संस्कृत के उपसर्ग-

उपसर्ग – अर्थ – उपसर्ग युक्त शब्द
प्र – (आगे) –  प्रसन्न, प्रकार, प्रसाद,
आ – तक, सहित) – आदान,आकार, आकंठ
वि – (विशेष, अभाव) –  विकास,विकल, विरोध
सु – (सुंदर, अच्छा) – सुपुत्र, सुरक्षा, सुसंगती
अति  – (अधिक, ऊपर) – अतिरिक्त, अतिशय, अतिक्रमण
प्रति – (उल्टा, सामने) – प्रति दिन, प्रति कार, प्रतिपण
नि – (अभाव)-  निरोग, नियम, निसंतान

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हिंदी के उपसर्ग

उपसर्ग – अर्थ – उपसर्ग युक्त शब्द
आ – (अभाव निषेध) – आसान, आलाप आबाद
अध – (आधा ) -अधपका,अधजला, अधखुली
उन – (एक कम) – उन्चास,उनसठ, उन्नतीस
सु – (अच्छा) – सुकाल,सुनाम, सुशासन
पर – (दूसरा) – पराधिन, पराजित, पराक्रम
कु – (बुरा) – कुफल,कुणाल,कुमाता।

अंग्रेजी के उपसर्ग

उपसर्ग अर्थ उपसर्ग युक्त शब्द
सब – (अधिक) – सब इंस्पेक्टर, सब रजिस्ट्रार।
वाइस – (सहायक) – वाइस चेयरमैन वाइस चांसलर
चीफ – (प्रमुख) – चीफ जस्टिस चीफ़ मिनिस्टर
हेड – (प्रमुख) – हेड कांस्टेबल हेड क्वार्टर
डिप्टी – (उप) – डिप्टी मेयर, डिप्टी कमिश्नर

अरबी फारसी के उपसर्ग

उपसर्ग अर्थ उपसर्ग युक्त शब्द
हम – (साथ में) – हमराज, हमदर्द, हमशक्ल
हर – (प्रत्येक) – हरपल, हरदम,हरदिन
गैर – (अभाव) – गैर हाजिर, गैर-मुस्लिम,
ला – (बिना) – लाईलाज, लाचार, लापरवाह
बद – (बुरा) – बद नाम, बदनियती, बदहवास
बिल – (बिना) – बिलवक्त,बिलवजह
खुश – (अच्छा ) -खुशमिजाज, खुशनुमा खुशहाल

प्रत्यय-

प्रत्यय वह शब्दांश है जो किसी शब्द के पीछे लग कर नये शब्द का निर्माण करता है । जैसे- मित्रता, दुष्टता, रंगीन ,रंगीन इत्यादि ।
प्रत्यय निर्मित शब्दऔर प्रमुख प्रत्ययो के कुछ उदाहरण नीचे दिए जा रहे हैं।

प्रत्यय – प्रत्यय निर्मित शब्द
पा – बुढापा – पुजारा, बहनापा,
आई – लड़ाई,बड़ाई,लागाई
इक – नैतिक, भौतिक, सांस्कृतिक
इत – उदित, सम्मानित, प्रतिक्षित
ई – बड़ी,घोड़ी, जोड़ी
वाला – फेरीवाला, जानने वाला, चश्मे वाला
कार – अधिकार, उपकार, मताधिकार,
आस – मिठास,उदास, उपहास
ता – शत्रूता मुख्यता सहकारिता
कर – पहनकर, जाकर,
आऊ – भड़काऊ,चलताऊ,बहलाऊ
आका – लड़ाका ठहाका, 
अक्कड़ – बुझक्कड टक्कर फक्कड़
आ – बड़ा,बड़ा,ठहरा,भड़का
इया – खटिया,सठिया, बुढ़िया

उपर्युक्त उदाहरणों से स्पष्ट होता है कि उपसर्ग और प्रत्यय दोनों ही शब्दांश है जो किसी शब्द में लगकर नये शब्द निर्माण करते हैं । यह स्पष्ट है कि उपसर्ग और प्रत्यय दोनों का स्वतंत्र प्रयोग नहीं किया जा सकता। शब्दों से जुड़ कर ही यह अपना अर्थ प्रकट करते हैं। यद्यपि इनका स्वतंत्र प्रयोग नहीं हो सकता तथापि शब्द निर्माण में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका हैं।

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