पुरुषसिंह में कौन सा समास है? पुरुषसिंह का समास-विग्रह क्या है?

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Purushsingh mein kaun sa samas hai? Purushsingh ka samas-vigrah kya hota hai?

पुरुषसिंह में कौन सा समास है?

तत्पुरुष समास – पुरुषसिंह शब्द में तत्पुरुष समास है।
पुरुषसिंह में समास का उपभेद सप्तमी तत्पुरुष (अधिकरण तत्पुरुष ) समास है
Purushsingh mein kaun sa Samas hota hai?
Tatpurush Samas – Purushsingh shabd mein Tatpurush Samas hai.

पुरुषसिंह का समास-विग्रह क्या है? Purushsingh ka Samas-Vigrah kya hai?

पुरुषसिंह शब्द का समास-विग्रह निम्नानुसार होगा :

समास (समस्त पद) समास-विग्रह
पुरुषसिंह : पुरुषों में सिंह
Purushsingh : Purshon mein singh

क्योंकि पुरुषसिंह में तत्पुरुष समास है इसलिए हमने विद्यार्थियों की सहायता के लिए तत्पुरुष समास की परिभाषा, भेद और उदाहरण को यहाँ पर संक्षेप में समझाया है। अगर विद्यार्थी तत्पुरुष समास को विस्तार से पढ़ना चाहें तो नीचे दिये गए लिंक (तत्पुरुष समास की परिभाषा – ) पर जा कर पढ़ सकते हैं।

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तत्पुरुष समास की परिभाषा –

तत्पुरूष समास ‌– [ सूत्र-प्रायेण उत्तरपदार्थ प्रधानस्तत्पुरूष: ]-जिस समास में उत्तर पद के अर्थ की प्रधानता हो तथा पूर्व पद में द्वितीया से सप्तमी विभक्ति तक का लोप हो , उसे तत्पुरूष समास कहते है।

तत्पुरुष समास के उदाहरण –

सप्तमी तत्पुरुष (अधिकरण तत्पुरुष ) समास के उदाहरण नीचे दिये गए हैं। विद्यार्थियों को इनका लिख लिख कर अभ्यास करना चाहिए।

समास (समस्त पद) – समास-विग्रह
कविश्रेष्ठ – कवियों में श्रेष्ठ
रणकुशल – रण में कुशल
कविराज – कवियों में राजा
घुड़सवार – घोड़े पर सवार
पुरुषसिंह – पुरुषों में सिंह
विद्याप्रवीण – विद्या में प्रवीण
क्षणभंगुर – क्षण में भंगुर
दीनदयाल – दीनों पर दयाल
पुरुषोत्तम – पुरुषों में उत्तम
रणधीर – रण में धीर

समास की परिभाषा :

समास का तात्पर्य होता है-‘संक्षिप्तीकरण’ और इसका शाब्दिक अर्थ होता है छोटा रूप। अथार्त जब दो या दो से अधिक शब्दों से मिलकर जो नया और छोटा शब्द बनता है उस शब्द को समास (Samas) कहते हैं। समास रचना में दो पद होते हैं। प्रथम पद को ‘पूर्वपद ‘ कहा जाता है और द्वितीय पद को ‘उत्तरपद ‘ कहा जाता है। इन दोनों से जो नया शब्द बनता है वो”समस्त पद” या” सामासिक शब्द” कहलाता है।

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समास-विग्रह क्या होता है?

जब समस्त पद के सभी पद अलग-अलग किये जाते हैं उसे समास-विग्रह (Samas Vigrah) कहते हैं। समास-विग्रह सामासिक पद के शब्दों के मध्य संबंध को स्पष्ट करने के लिए किया जाता है।

परीक्षा में पुरुषसिंह समस्त पद को लेकर कई प्रकार से प्रश्न पूछा जा सकता है जैसे कि पुरुषसिंह में कौन सा समास है? पुरुषसिंह शब्द में कौन सा समास होगा? पुरुषसिंह में कौन सा समास होता है? पुरुषसिंह में कौन सा समास है बताइये पुरुषसिंह का समास विग्रह बताइए पुरुषसिंह का समास विग्रह क्या है? पुरुषसिंह का समास विग्रह क्या होगा? आदि।

समास – परिभाषा, भेद, उदाहरण, समास-विग्रह

समास अभ्यास प्रश्न (Samas Worksheet)

नरोत्तम में कौन सा समास है
चौराहा में कौन सा समास है
हिमालय में कौन सा समास है
मुख दर्शन में कौन सा समास है
जितेन्द्रिय में कौन सा समास है
दिनकर में कौन सा समास है
देशांतर में कौन सा समास है
दीनानाथ में कौन सा समास है
ध्यानमग्न का समास विग्रह
हिमालय का समास विग्रह
शुभागमन का समास विग्रह
कमलनयन का समास विग्रह
महावीर का समास विग्रह
देवासुर का समास विग्रह कीजिए
नरसिंह का समास विग्रह
दशानन का समास विग्रह

25 Important परीक्षा में पूछे जाने वाले सामासिक शब्द के उदाहरण:

सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में समास संबंधी प्रश्न पूछे जाते हैं जिनमें मार्क्स लाना आसान होता है किन्तु सही जानकारी और अभ्यास के अभाव में अक्सर विद्यार्थी समास के प्रश्न में अंक लाने में कठिनाई अनुभव करते हैं। हमने प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे जाने वाले समास के उदाहरण और समास-विग्रह के महत्वपूर्ण सामासिक पदों का संकलन किया है जिनका अभ्यास करके आप पूर्ण अंक प्राप्त कर सकते हैं।

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