Rahim ke dohe अब रहीम चुप करि रहउ, समुझि दिनन को फेर।

Rahim ke dohe in Hindi:

अब रहीम चुप करि रहउ, समुझि दिनन को फेर।
जब नीके दिन आइहैं, बनत न लगिहै देर।।

Ab Rahim chup kari rahau, samujhi dinan ko fer
Jab neeke din aaihain, banat na lagihai der

रहीम के दोहे का अर्थ:

आमतौर पर ऐसा होता है कि जब दुर्दिन आते हैं तो मनुष्य के हाथ पैर फूल जाते हैं। वह बुरे दिनों से उबरने का प्रयास नहीं करता, बल्कि रात दिन ठंडी आहें भरता है और दूसरों के आगे अपना दुखड़ा रोता है।

रहीम का परामर्श है, दुर्दिन आएं तो हाय तोबा मचाने के बजाय चुप रहना चाहिए। हाय तोबा सुनकर कोई मदद करने नहीं आएगा। अपनी मदद आप करनी चाहिए। जब अच्छे दिन आएंगे, तब बात बनते देर नहीं लगेगी।

Rahim ke dohe रहीम के 25 प्रसिद्ध दोहे अर्थ व्याख्या सहित

25 Important परीक्षा में पूछे जाने वाले रहीम के दोहे :

अक्सर प्रतियोगी परीक्षाओं और विद्यालयी परीक्षाओं में रहीम के दोहे संबन्धित प्रश्न पूछे जाते हैं जिनमें मार्क्स लाना आसान होता है किन्तु सही जानकारी और अभ्यास के अभाव में अक्सर विद्यार्थी रहीम के दोहों के प्रश्न में अंक लाने में कठिनाई अनुभव करते हैं। हमने प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे जाने वाले रहीम के दोहों को अर्थ एवं व्याख्या सहित संग्रहीत किया है जिनका अभ्यास करके आप पूर्ण अंक प्राप्त कर सकते हैं।

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