Rahim ke dohe बड़ माया को दोष यह, जो कबहूं घटि जाय।

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Rahim ke dohe in Hindi:

बड़ माया को दोष यह, जो कबहूं घटि जाय।
तो रहीम मरिबो भलो, दुख सहि जिये बलाय।।

Bad maya ko dosh yah, jo kabahun ghati jaya,
To rahim maribo bhalo, dukh sahi jiye balaay

रहीम के दोहे का अर्थ:

जब तक मनुष्य के पास संपन्नता है, तब तक सुख, सम्मान और यश है, किंतु संपन्नता के नष्ट होते ही सब आंखें फेर लेते हैं। ऐसी स्थिति में आशा निराशा में परिवर्तित हो जाती है।

रहीम कहते हैं, माया (धन संपदा) कभी स्थिर नहीं होती। उसकी चंचलता ही उसका सबसे बड़ा दोष है। कभी घर में डोलती फिरती है तो कभी निष्ठुरता से मुंह मोड़कर चली जाती है। माया विहीन मनुष्य सबकी दृष्टि में हेय होता है। अतः इस प्रकार कभी माया घट जाए तो मर जाना ही बेहतर है। कौन निर्धनता में दुख सहते हुए जीना चाहेगा?

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Rahim ke dohe रहीम के 25 प्रसिद्ध दोहे अर्थ व्याख्या सहित

25 Important परीक्षा में पूछे जाने वाले रहीम के दोहे :

अक्सर प्रतियोगी परीक्षाओं और विद्यालयी परीक्षाओं में रहीम के दोहे संबन्धित प्रश्न पूछे जाते हैं जिनमें मार्क्स लाना आसान होता है किन्तु सही जानकारी और अभ्यास के अभाव में अक्सर विद्यार्थी रहीम के दोहों के प्रश्न में अंक लाने में कठिनाई अनुभव करते हैं। हमने प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे जाने वाले रहीम के दोहों को अर्थ एवं व्याख्या सहित संग्रहीत किया है जिनका अभ्यास करके आप पूर्ण अंक प्राप्त कर सकते हैं।

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