Rahim ke dohe भटियारी उन मुंह करै, प्रेम पथिक को ठौर।

Advertisement

Rahim ke dohe in Hindi:

भटियारी उन मुंह करै, प्रेम पथिक को ठौर।
धौस दिखावै और की, रात दिखावै और।।

Bhatiyaari un munh karai, prem pathik ko thour,
Dhouns dikhavai aur kee, raat dikhaavai aur

रहीम के दोहे का अर्थ:

स्वार्थ पूरा होने के बाद स्वार्थी का सारा व्यवहार बदल जाता है। स्वार्थी से कुछ पाने की आशा करना व्यर्थ है। वह अपना काम बनाकर मुंह मोड़ लेता है, जैसे किसी को पहचानता तक न हो।

रहीम कहते हैं, पथिक को अपनी सराय में ठहरने को बाध्य करने के लिए भटियारी सारे दांव पेंच चलाती है। वह मुंह से हार्दिक वचन बोलकर पथिक का मन मोह लेती है। पथिक को उसके प्रेम में अपना ठिकाना नजर आता है और वह सराय में बस जाता है। इसके बाद भटियारी की नजरों से पथिक उतर जाता है। वह प्रेम की आस लिए उसके पास आता है तो उस पर बिफर पड़ती है। उसे दूसरे (मर्द) की धौंस दिखाती है और रात के समय कोई और ठिकाना खोजने की धमकी देती है।

Advertisement

Rahim ke dohe रहीम के 25 प्रसिद्ध दोहे अर्थ व्याख्या सहित

25 Important परीक्षा में पूछे जाने वाले रहीम के दोहे :

अक्सर प्रतियोगी परीक्षाओं और विद्यालयी परीक्षाओं में रहीम के दोहे संबन्धित प्रश्न पूछे जाते हैं जिनमें मार्क्स लाना आसान होता है किन्तु सही जानकारी और अभ्यास के अभाव में अक्सर विद्यार्थी रहीम के दोहों के प्रश्न में अंक लाने में कठिनाई अनुभव करते हैं। हमने प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे जाने वाले रहीम के दोहों को अर्थ एवं व्याख्या सहित संग्रहीत किया है जिनका अभ्यास करके आप पूर्ण अंक प्राप्त कर सकते हैं।

Advertisement

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *