Rahim ke dohe भटियारी अरू लच्छमी, दोऊ एकै घात।

Rahim ke dohe in Hindi:

भटियारी अरू लच्छमी, दोऊ एकै घात।
आवत बहु आदर करै, जात न पूछत बात।।

Bhatiyari aru lachchami, dou ekai ghaat
Aavat bahu aadar karai, jaat na poochhat baat

रहीम के दोहे का अर्थ:

रहीम की दृष्टि में गणिका व संपन्नता की मूल प्रवृत्ति में कोई अंतर नहीं है। दोनों का आचरण समान होता है।

वह कहते हैं कि भट्टी वाली (भटियारिन) तथा वैभव (लक्ष्मी) का कोई भरोसा नहीं होता। दोनों एक ही प्रकार से मानव पर घात करते हैं। जब आते हैं तब तो बहुत आदर-सत्कार करते हैं, समाज में मान-सम्मान बढ़ाते हैं। किंतु वैभव के जाते ही सारा ठाठ-बाठ धरा का धरा रह जाता है, तब भटियारिन भी मुंह मोड़ लेती है। कहां तो आते समय दोनों लाड़-दुलार करते हैं और जाते समय बात तक नहीं करते।

Rahim ke dohe रहीम के 25 प्रसिद्ध दोहे अर्थ व्याख्या सहित

25 Important परीक्षा में पूछे जाने वाले रहीम के दोहे :

अक्सर प्रतियोगी परीक्षाओं और विद्यालयी परीक्षाओं में रहीम के दोहे संबन्धित प्रश्न पूछे जाते हैं जिनमें मार्क्स लाना आसान होता है किन्तु सही जानकारी और अभ्यास के अभाव में अक्सर विद्यार्थी रहीम के दोहों के प्रश्न में अंक लाने में कठिनाई अनुभव करते हैं। हमने प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे जाने वाले रहीम के दोहों को अर्थ एवं व्याख्या सहित संग्रहीत किया है जिनका अभ्यास करके आप पूर्ण अंक प्राप्त कर सकते हैं।

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