Rahim ke dohe बिगरी बात बनै नहीं, लाख करौ किन कोय।

Rahim ke dohe in Hindi:

बिगरी बात बनै नहीं, लाख करौ किन कोय।
रहिमन फाटे दूध को, मथे न माखन होय।।

Bigri bat banai nahin, lakh karou kitan koy
Rahiman fate doodh ko, mathe na maakhan hoy

रहीम के दोहे का अर्थ:

यदि बात बिगड़ जाए तो उस पर मुंह लटकाकर बैठने का कोई लाभ नहीं, बल्कि नए सिरे से नया उद्योग शुरू करना चाहिए। फटे दूध पर नासमझ रोता है। समझदार शीघ्र ताजा दूध लाता है। इसी प्रकार सब्जी जल जाए तो दुखी होने के बजाय दोबारा सब्जी बनानी चाहिए।

रहीम कहते हैं, बिगड़ी बात कभी नहीं बनती, भले ही लाख जतन कर लो। मक्खन ताजे दूध से निकल सकता है। फटे दूध को चाहे जितना मथ लो, उससे मक्खन नहीं निकाला जा सकता।

Rahim ke dohe रहीम के 25 प्रसिद्ध दोहे अर्थ व्याख्या सहित

25 Important परीक्षा में पूछे जाने वाले रहीम के दोहे :

अक्सर प्रतियोगी परीक्षाओं और विद्यालयी परीक्षाओं में रहीम के दोहे संबन्धित प्रश्न पूछे जाते हैं जिनमें मार्क्स लाना आसान होता है किन्तु सही जानकारी और अभ्यास के अभाव में अक्सर विद्यार्थी रहीम के दोहों के प्रश्न में अंक लाने में कठिनाई अनुभव करते हैं। हमने प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे जाने वाले रहीम के दोहों को अर्थ एवं व्याख्या सहित संग्रहीत किया है जिनका अभ्यास करके आप पूर्ण अंक प्राप्त कर सकते हैं।

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