Rahim ke dohe छोटने सों सोहैं बड़े, कहि रहीम यह लेख।

Rahim ke dohe in Hindi:

छोटने सों सोहैं बड़े, कहि रहीम यह लेख।
सहसन को हय बांधियत, लै दमरी की मेख।।

Chhotane soun sohain bade, kahi rahim yah lekh,
Sahsan ko hay baandhiyat, lai damri kee mekh

रहीम के दोहे का अर्थ:

सिर्फ बड़े की ही महत्व नहीं है, छोटे का भी अपना महत्व है। लघु आकार को इसलिए तिरस्कृत नहीं करना चाहिए वह लघु है। कभी कभी छोटे से ही बड़े की रक्षा होती है। तलवार का आकार छोटा होता है किंतु वार बड़ा। तभी तो वह अपने से बड़े आकार के शत्रु को एक ही बार में धराशायी कर देती है।

रहीम कहते हैं, छोटे की उपेक्षा नहीं करनी चाहिए। वस्तुतः छोटों से ही बड़े शोभित होते हैं। घोड़ा सैकड़ों में बिकता है। व्यापारी उसे हाट में बेचने आते हैं। किंतु इसी घोड़े को व्यापारी छोटे से एक दमड़ी के खूंटे से बांधकर निश्चिंत हो जाते हैं।

Rahim ke dohe रहीम के 25 प्रसिद्ध दोहे अर्थ व्याख्या सहित

25 Important परीक्षा में पूछे जाने वाले रहीम के दोहे :

अक्सर प्रतियोगी परीक्षाओं और विद्यालयी परीक्षाओं में रहीम के दोहे संबन्धित प्रश्न पूछे जाते हैं जिनमें मार्क्स लाना आसान होता है किन्तु सही जानकारी और अभ्यास के अभाव में अक्सर विद्यार्थी रहीम के दोहों के प्रश्न में अंक लाने में कठिनाई अनुभव करते हैं। हमने प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे जाने वाले रहीम के दोहों को अर्थ एवं व्याख्या सहित संग्रहीत किया है जिनका अभ्यास करके आप पूर्ण अंक प्राप्त कर सकते हैं।

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